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    त्रिनिदाद एंड टोबैगो के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित हुए PM मोदी, अब तक 25 देश दे चुके हैं अपना सबसे बड़ा सम्मान

    AdminBy AdminJuly 5, 2025No Comments8 Mins Read
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    त्रिनिदाद एंड टोबैगो के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित हुए PM मोदी, अब तक 25 देश दे चुके हैं अपना सबसे बड़ा सम्मान
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    पोर्ट ऑफ स्पेन
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्रिनिदाद एंड टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' प्रदान किया. इस सम्मान को पाने वाले वे पहले विदेशी नेता बन गए हैं.

    यह न केवल त्रिनिदाद-भारत रिश्तों की गहराई का प्रतीक है, बल्कि भारत की वैश्विक कूटनीति के उस विस्तार का भी उदाहरण है, जिसमें सांस्कृतिक रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने की क्षमता हो.

    पीएम मोदी को 25वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया भर से मिले 25 अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में शामिल हो गया है. इससे पहले उन्हें घाना, यूएई, रूस, फ्रांस, मिस्र जैसे देशों से भी उनके वैश्विक नेतृत्व के लिए शीर्ष नागरिक पुरस्कार मिल चुके हैं.

    त्रिनिदाद और टोबैगो में उन्हें यह सम्मान ऐसे समय पर मिला है जब दोनों देश भारतीय मूल के श्रमिकों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ मना रहे हैं — एक ऐतिहासिक अवसर, जिसने दोनों देशों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया है.

    25वां अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान

    यह पीएम मोदी का 25वां अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान है. इससे दो दिन पहले ही घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रमानी महामा ने उन्हें देश का राष्ट्रीय सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ प्रदान किया था. विशेषज्ञों का मानना है कि ये सम्मानों की श्रृंखला दर्शाती है कि पीएम मोदी आज विश्व राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं. 

    जून में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने प्रधानमंत्री मोदी को निकोसिया में राष्ट्रपति भवन में साइप्रस का सम्मान – ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III – प्रदान किया था.

    इस साल की शुरुआत में मॉरीशस और श्रीलंका ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया था.अप्रैल में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को 'श्रीलंका मित्र विभूषण' से सम्मानित किया, जो कि द्वीप राष्ट्र के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान है.

    बीजेपी ने कांग्रेस से की तुलना

    बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख मुखिया अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'पीएम मोदी ने फिर रचा इतिहास! उन्हें ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया गया है – जो कि कैरेबियाई राष्ट्र का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. वह इस सम्मान को पाने वाले पहले विदेशी नेता बन गए हैं. यह प्रधानमंत्री मोदी को किसी विदेशी सरकार द्वारा प्रदान किया गया 25वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है. अगर तुलना करें तो: जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह, दशकों तक सत्ता में रहे लेकिन इसके बावजूद सिर्फ 6 अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले. फिर भी कांग्रेस भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाने की हिम्मत करती है. मजाक सरकार पर नहीं है, मजाक हम पर है कि हमारे पास इतनी अज्ञानी विपक्षी पार्टी है.'

    हाल के वर्षों में कुवैत, मॉरिशस, श्रीलंका, साइप्रस, गयाना, डोमिनिका, नाइजीरिया, सऊदी अरब, अफगानिस्तान, यूएई, रूस, मालदीव, बहरीन, अमेरिका, भूटान, फिजी, मिस्र, फ्रांस, ग्रीस, पापुआ न्यू गिनी जैसे देशों ने भी पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है.इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र, गेट्स फाउंडेशन, सीईआरए, सेओल पीस प्राइज़ फाउंडेशन, फिलिप कोटलर पुरस्कार जैसी वैश्विक संस्थाओं ने भी पीएम मोदी के नेतृत्व को सम्मानित किया है.

    मॉरीशस और कुवैत में भी मिला था सम्मान

    मार्च में, पोर्ट लुइस में राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान, मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन' (GCSK) से भी सम्मानित किया. यह पहली बार था जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला.

    दिसंबर 2024 में, कुवैत ने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए अपना सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' प्रदान किया था. यह ऑर्डर मित्रता के प्रतीक के रूप में राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी मुखियाओं और विदेशी शाही परिवारों के सदस्यों को प्रदान किया जाता है.

    इससे पहले बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स और जॉर्ज बुश जैसे विदेशी नेताओं के अलावा क्वीन एलिजाबेथ और प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान जैसे अन्य गणमान्य लोगों को भी यह सम्मान दिया जा चुका है.

    गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली ने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी दूरदर्शी राजनीति, वैश्विक मंच पर विकासशील देशों के अधिकारों की वकालत, वैश्विक समुदाय के लिए असाधारण सेवा और भारत-गुयाना संबंधों को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए गुयाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया था.

    गुयाना में भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान, डोमिनिका ने भी कोविड-19 महामारी के दौरान उनके महत्वपूर्ण समर्थन और भारत-डोमिनिका संबंधों को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया.

    नाइजीरिया ने नवंबर 2024 में देश की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को ग्रैंड कमांडर ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ द नाइजर (GCON) का राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया. भारतीय प्रधानमंत्री 1969 के बाद से इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले विदेशी नेता हैं, जब महारानी एलिजाबेथ को नाइजीरिया का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान मिला था.

    पीएम मोदी को मिल चुके हैं 25 इंटरनेशनल अवॉर्ड

    ये पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी को मिला 25वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है जो उन्हें अलग-अलग देशों की ओर से दिया गया है। इससे यह भी साबित होता है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की वैश्विक छवि और नेतृत्व क्षमता को दुनियाभर में सराहा गया है।

    त्रिनिदाद एंड टोबैगो का है भारत से जुड़ाव

    त्रिनिदाद एंड टोबैगो एक ऐसा देश है जहां भारतीय मूल के लोगों की आबादी बड़ी संख्या में है। वहां की संस्कृति, उत्सव और परंपराएं आज भी भारत से गहराई से जुड़ी हैं। ऐसे में यह सम्मान दोनों देशों के बीच सहयोग, विश्वास और साझा मूल्यों की झलक देता है।

    किस पुरस्कार से नवाजे गए पीएम मोदी?

    ये पुरस्कार त्रिनिदादएंड टोबैगो के सर्वोच्च सम्मान की श्रेणी में आता है और इसे पाने वाले व्यक्ति को उस देश के प्रति विशेष योगदान के लिए पहचाना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनके नेतृत्व, लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए दिया गया है।

    हमारे रिश्तों में क्रिकेट की स्पिरिट है

    सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में त्रिनिदाद और भारत के बीच के रिश्तों को क्रिकेट के रोमांच और भारतीय मसालों की खुशबू से जोड़ा. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक समानता, आपसी विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के कारण यह साझेदारी "ग्लोबल साउथ" के लिए प्रेरणा बन सकती है.

    उन्होंने राष्ट्रपति कंगालू की तमिलनाडु से जुड़ी जड़ों और प्रधानमंत्री कमला परसाद बिसेसर की बिहार की विरासत का उल्लेख करते हुए इन संबंधों की जड़ों को ऐतिहासिक बताया.

    प्रवासी भारतीयों को सम्मान और सराहना

    त्रिनिदाद की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "आप केवल प्रवासी नहीं हैं, सभ्यता के दूत हैं. आपने सरजमीं छोड़ी लेकिन संस्कार साथ लाए."

    उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब भारतीय मूल की छठी पीढ़ी को भी OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड मिलेगा — एक महत्वपूर्ण कदम, जो भारतीय डायस्पोरा को भारत से और गहराई से जोड़ेगा.

    रामायण, राम मंदिर और आध्यात्मिक पुल

    प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद की अनोखी रामलीला की प्रशंसा की और कहा कि वह अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिकृति, सरयू नदी का जल और प्रयागराज के महाकुंभ का पवित्र जल अपने साथ लाए हैं — एक भावनात्मक सेतु, जो दो देशों की आस्था और संस्कृति को जोड़ता है.

    उन्होंने यह भी आग्रह किया कि इन पवित्र जलों को त्रिनिदाद की स्थानीय गंगा धाराओं में अर्पित किया जाए.

    राजनीतिक जुड़ाव और ऐतिहासिक संदर्भ

    प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री कमला परसाद बिसेसर को 'बिहार की बेटी' कहा. बिसेसर के पूर्वज बक्सर जिले से थे, और उन्होंने वहां दौरा भी किया है. यह टिप्पणी न केवल सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है, बल्कि एक राजनीतिक सद्भाव का भी प्रतीक है.

    25 साल पहले, वर्ष 2000 में, नरेंद्र मोदी ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में त्रिनिदाद एंड टोबैगो में आयोजित विश्व हिंदू सम्मेलन में हिस्सा लिया था. उस सम्मेलन में तत्कालीन प्रधानमंत्री बासदेव पांडे, RSS प्रमुख के. सुदर्शन और विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल जैसे वैश्विक नेता भी शामिल हुए थे.

    नवाचार, विरासत और साझा भविष्य

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, "हम खून या सरनेम से नहीं, बल्कि अपनत्व की भावना से जुड़े हैं. भारत आपके योगदान को याद करता है और उसे सम्मान देता है."

    उन्होंने बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली के नाम पर त्रिनिदाद में मौजूद सड़कों और त्योहारों का भी उल्लेख किया — यह दर्शाता है कि संस्कृति ने कैसे भूगोल की सीमाओं को पार कर आत्मीय संबंध बनाए हैं.

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