Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»देश»अब न अमेरिका पर निर्भरता, न फ्रांस पर… भारत के फाइटर जेट को मिलेगा स्वदेशी इंजन
    देश

    अब न अमेरिका पर निर्भरता, न फ्रांस पर… भारत के फाइटर जेट को मिलेगा स्वदेशी इंजन

    AdminBy AdminSeptember 12, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    अब न अमेरिका पर निर्भरता, न फ्रांस पर… भारत के फाइटर जेट को मिलेगा स्वदेशी इंजन
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली

    भारत हमेशा से अपने फाइटर जेट इंजन को स्वदेशी बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि अमेरिका या अन्य देशों पर निर्भरता खत्म हो. हाल ही में फ्रांस की कंपनी साफरान (Safran) के साथ 120 kN थ्रस्ट वाले इंजन के विकास का समझौता हुआ है, जो एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए बनेगा. 

    यह प्रोजेक्ट 61,000 करोड़ रुपये का है. 10 साल में पूरा होगा. आइए, समझतें हैं कि यह प्रोजेक्ट भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है? 

    भारत की इंजन समस्या: विदेशी निर्भरता

    भारत के फाइटर जेट्स जैसे तेजस, सुखोई-30 और राफेल में ज्यादातर इंजन विदेशी हैं. तेजस में GE F404 (अमेरिका) और सुखोई में AL-31FP (रूस) लगे हैं. कावेरी इंजन प्रोजेक्ट 1980 के दशक से चल रहा है, लेकिन यह 90-100 kN थ्रस्ट नहीं दे पाया.

    कावेरी को तेजस से अलग कर दिया गया. अब इसका डेरिवेटिव वर्जन ड्रोन (Ghatak UCAV) के लिए इस्तेमाल हो रहा है. कावेरी पर 35 साल और 400 मिलियन डॉलर खर्च हुए, लेकिन तकनीकी चुनौतियां (जैसे सिंगल क्रिस्टल ब्लेड और थर्मल कोटिंग) ने इसे रोक दिया.

    इस निर्भरता से समस्या बढ़ी. 2021 में GE F404 इंजन की डिलीवरी में देरी हुई, जिससे तेजस Mk1A प्रोडक्शन रुका. रूस-यूक्रेन युद्ध ने AL-31FP की सप्लाई प्रभावित की. AMCA (5th जेनरेशन स्टील्थ फाइटर) के लिए 110-120 kN इंजन चाहिए, जो स्वदेशी न होने से देरी हो रही है. साफरान प्रोजेक्ट इसी समस्या का समाधान है.

    साफरान प्रोजेक्ट: क्या है और कैसे काम करेगा?

    साफरान (फ्रांस की कंपनी, जो राफेल के M88 इंजन बनाती है) के साथ यह प्रोजेक्ट 22 अगस्त 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषित किया. यह 120 kN थ्रस्ट वाला टर्बोफैन इंजन AMCA Mk2 के लिए बनेगा. लागत 7 बिलियन डॉलर (लगभग 61,000 करोड़ रुपये) है. 100% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा.

    समझौते की मुख्य बातें

        10 साल का विकास: 2035 तक इंजन तैयार. AMCA के साथ एकीकृत.
        सह-विकास: GTRE (DRDO का लैब) और साफरान मिलकर डिजाइन करेंगे.
        स्वदेशी निर्माण: भारत में ही इंजन बनेंगे, जिसमें सिंगल क्रिस्टल ब्लेड, थर्मल बैरियर कोटिंग और एडवांस्ड कॉम्बस्टर जैसी तकनीकें शामिल.
        निर्यात संभावना: AMCA के साथ निर्यात बढ़ेगा, क्योंकि स्वदेशी इंजन से लागत कम होगी.

    रक्षा मंत्रालय ने साफरान को चुना क्योंकि इसका प्रस्ताव सबसे फायदेमंद था. अमेरिका की GE और ब्रिटेन की Rolls-Royce भी दौड़ में थे, लेकिन साफरान ने 100% ट्रांसफर और कावेरी से लिंकेज का वादा किया. साफरान पहले कावेरी पर सहयोग कर चुकी है (2016 में €1 बिलियन का ऑफर).

    साफरान प्रोजेक्ट का महत्व: आत्मनिर्भर भारत के लिए मील का पत्थर

    यह प्रोजेक्ट भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी है. इसके फायदे…

    विदेशी निर्भरता खत्म: कावेरी की असफलता के बाद भारत GE, Safran और Rolls-Royce पर निर्भर था. अब AMCA, TEDBF और भविष्य के फाइटर जेट्स के लिए स्वदेशी इंजन मिलेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह 5th जेनरेशन फाइटर के लिए बड़ा कदम है.

    AMCA प्रोग्राम को गति: AMCA (5th जेनरेशन स्टील्थ फाइटर) 2035 तक तैयार होगा. पहले GE F414 इंजन इस्तेमाल होगा, लेकिन साफरान इंजन से AMCA Mk2 स्वदेशी बनेगा. लागत 15,000 करोड़ रुपये की और 5 प्रोटोटाइप बनेंगे.

    तकनीकी आत्मनिर्भरता: इंजन सबसे जटिल भाग है. साफरान से 100% ट्रांसफर मिलने से भारत सिंगल क्रिस्टल ब्लेड, लेजर ड्रिलिंग और हॉट-एंड कोटिंग जैसी तकनीक सीखेगा. कावेरी का अनुभव (49 kN थ्रस्ट) साफरान प्रोजेक्ट को मदद करेगा.

    आर्थिक और निर्यात लाभ: इंजन 40% लागत होता है. स्वदेशी इंजन से AMCA सस्ता बनेगा. निर्यात बढ़ेगा. HAL और GTRE को नया बिजनेस मिलेगा. MSMEs को भी अवसर.

    रणनीतिक सुरक्षा: युद्ध या प्रतिबंध के समय विदेशी इंजन की सप्लाई रुक सकती है. स्वदेशी इंजन से भारत सुरक्षित रहेगा.

    चुनौतियां और भविष्य

    प्रोजेक्ट में चुनौतियां हैं: फंडिंग (केवरी पर 35 साल में $400 मिलियन खर्च, लेकिन असफल), तकनीकी जटिलताएं और समय (10 साल). लेकिन साफरान का अनुभव (M88 इंजन) मदद करेगा. कावेरी डेरिवेटिव इंजन अब ड्रोन (Ghatak UCAV) के लिए इस्तेमाल हो रहा है. भविष्य में कावेरी 2 (90-110 kN) और कावेरी 3 (125 kN) साफरान से प्रेरित होंगे. 2025 में साफरान हैदराबाद में मेंटेनेंस सेंटर खोलेगा.

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    fighter jet
    Admin

    Related Posts

    सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद, बंगाल के SIR में अब झारखंड और ओडिशा के जज भी होंगे शामिल

    February 24, 2026

    राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति का ऐलान, गृह मंत्रालय ने PRAHAAR के तहत खतरों पर दी जानकारी

    February 24, 2026

    मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए AI बना गेमचेंजर, डॉ. रविचंद्रन का बड़ा दावा

    February 24, 2026

    एसी और स्लीपर कोच फुल, फ्लाइट महंगी; होली के लिए देहरादून से यात्रा मुश्किल

    February 24, 2026

    बजट का बड़ा दांव: गुजरात को 29 गुना ज्यादा फंड, 2027 में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

    February 24, 2026

    पुतिन का बड़ा सैन्य संदेश: Su-34 बना दुनिया का पहला फाइटर जेट जो रूस से अमेरिका तक कर सकता है हमला

    February 24, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद, बंगाल के SIR में अब झारखंड और ओडिशा के जज भी होंगे शामिल

    February 24, 2026

    बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाकर किया दुष्कर्म, दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

    February 24, 2026

    जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनीं सैकड़ों फरियादें, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

    February 24, 2026

    अधिमान पत्रकार नेतृत्व सनिति के ब्लॉक अध्यक्ष बने छबिलाल महरा

    February 24, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Jan    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.