Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»‘मकान बेचना है’, जबलपुर में रोहिंग्या समुदाय को लेकर बढ़ी नाराजगी, टीआई बोले- महाराष्ट्र के खानाबदोश
    मध्यप्रदेश

    ‘मकान बेचना है’, जबलपुर में रोहिंग्या समुदाय को लेकर बढ़ी नाराजगी, टीआई बोले- महाराष्ट्र के खानाबदोश

    AdminBy AdminSeptember 12, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ‘मकान बेचना है’, जबलपुर में रोहिंग्या समुदाय को लेकर बढ़ी नाराजगी, टीआई बोले- महाराष्ट्र के खानाबदोश
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    जबलपुर

    जबलपुर शहर के ग्वारीघाट थाना अंतर्गत ललपुर नई बस्ती में हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि लोग अपने घर बेचने को मजबूर हो रहे हैं. बस्ती में रहने वाले स्थानीय परिवारों ने घरों के बाहर “मकान बिकाऊ है” के पोस्टर और पंपलेट चिपकाना शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि यहां करीब दो दर्जन से ज्यादा घरों पर इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं.

    स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले दो सालों से बस्ती में बाहरी लोगों का जमावड़ा बढ़ गया है. इनमें रोहिंग्या मुसलमान और अन्य बाहरी लोग शामिल बताए जा रहे हैं. रहवासियों का कहना है कि ये लोग देर रात तक शराब पीते हैं, मांस और मछली खाते हैं और बचा हुआ कचरा व हड्डियां बस्तियों में फेंक देते हैं. इसके कारण पूरे इलाके का माहौल बिगड़ रहा है और स्वच्छता पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
    पुलिस कर रही जांच

    महिलाएं और बच्चे असुरक्षा का अनुभव करने लगे हैं. स्थानीय लोगों ने कई बार इस समस्या को लेकर आपत्ति जताई और पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई. लेकिन जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो आखिरकार उन्होंने मकान बेचकर यहां से जाने का मन बना लिया. इसके विरोध में हिंदूवादी संगठनों के साथ रहवासियों ने पुलिस थाने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मांग की कि बाहरी लोगों को यहां से हटाया जाए. मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वारीघाट पुलिस ने जांच के बाद उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है.
    पलायन करने को मजबूर रहवासी

    पुलिस ने अभी तक कोई ठोस कदम सामने नहीं उठाया है. वही रहवासियों का कहना है कि बस्ती का पुराना शांत वातावरण अब अशांत हो चुका है. सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ रहा है और लोग अपने बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं. उनका कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता तो इलाके का माहौल और ज्यादा बिगड़ सकता है. फिलहाल ललपुर बस्ती के लोग अपने घर बेचने और कहीं और बसने की तैयारी कर रहे हैं, जो कि एक चिंताजनक संकेत है.

    क्या है पूरा मामला?

     शिवराज बस्ती में रहने वाले कुछ परिवारों ने बताया है कि पिछले कुछ समय से करीब 50 लोग यहाँ आकर रह रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर खानाबदोश (जिनका कोई स्थायी निवास नहीं) हैं। कुछ लोग झोपड़ियाँ बनाकर रह रहे हैं और कुछ किराए पर कमरे लिए हैं।

    स्थानीय निवासियों ने बताय कि ये लोग भीख माँगते हैं, गंदगी फैलाते हैं और उपद्रव कर माहौल को खराब करते हैं। जब कुछ लोगों ने इनका विरोध किया तो अवैध घुसपैठियों ने गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। इसी वजह से कई परिवार अपने घर छोड़कर चले गए हैं और घरों के बाहर लिखवा दिया है ‘मकान बेचना है’। यह मामला 5 सितंबर 2025 के आस-पास का बताया जा रहा है। इसका एक वीडियो यूट्यूब पर भी मिला है, जिसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग देखी जा सकती है।

    बस्ती में बने दो गुट

    अवैध घुसपैठियों को लेकर शिवराज बस्ती के लोगों में भी दो गुट बन गए हैं। एक गुट इन्हें हटाना चाहता है और मानता है कि ये लोग बांग्लादेशी या रोहिंग्या हैं और इनसे खतरा है। वहीं, जिन लोगों ने घुसपैठियों को किराए पर कमरे दिए हैं, वे इनका समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये लोग अपना कमाते-खाते हैं और कोई परेशानी पैदा नहीं करते हैं। यह पूरा मामला अब पुलिस की जाँच के दायरे में आ गया है।

    बस्ती में रहने वाली एक महिला ने बताया कि वो इस बस्ती में कई सालों से रह रही हैं। इसके अलावा आधार कार्ड बारिश में बह गया और लोग उन्हें चोरी करने वाला, गंदगी फैलाने वाला बताते हैं।

    पुलिस की जाँच और विरोधाभासी बयान

    इन पोस्टरों की जानकारी मिलने पर कुछ हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जाँच शुरू की तो पता चला कि यहाँ रहने वाले लोग महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के हैं और खानाबदोश हैं। पुलिस ने बताया कि ये लोग कहीं से भगाए नहीं गए हैं, बल्कि अपनी मर्जी से यहाँ रह रहे हैं।

    कमरे किराए पर लेकर रहने लगे हैं

    नर्मदा किनारे बसी शिवराज बस्ती में सब कुछ सामान्य चल रहा था। करीब तीन सप्ताह पहले बस्ती में पोस्टर लगना शुरू हो गए कि मकान बेचना है। कुछ लोग घरों मे ताले लगाकर कहीं और रहने चले गए।

    हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि बीते कुछ समय में धीरे-धीरे यहां पर 50 से अधिक लोग आकर बस गए हैं। ये यहां मांस के टुकड़े भी फेंक रहे हैं। कुछ लोगों ने बस्ती में झोपड़ी बना ली, तो कुछ ने किराए पर कमरे ले लिए।

    स्थानीय रहवासियों ने बताया कि अचानक यहां आकर बसे ये लोग दिनभर भीख मांगते हैं। रैकी करते हैं कि कौन सा घर खाली है, कहां ताला लगा हुआ है, जिससे कि वहां पर चोरी की जा सके। कुछ लोगों ने जब इनके यहां रहने का विरोध किया तो ये गाली-गलौज करते हुए महिलाओं को अर्धनग्न होकर खड़ा कर देते हैं।

    पहले एक झोपड़ी बनी
     फिर बढ़ती गई संख्या स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ महीने पहले बस्ती में सिर्फ एक झोपड़ी बनी थी, फिर धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती गई। इनमें से कुछ लोग किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। लोगों का कहना है कि यदि इनकी संख्या बढ़ती गई तो इन्हें हटाना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।

    बजरंग दल के प्रचारक रमेश तिवारी ने कहा- शिवराज बस्ती के मुख्य मार्ग पर इन लोगों ने इतनी गंदगी फैला दी है कि निकलना मुश्किल हो गया है। 10-20 कुत्ते पाल रखे हैं, जिनसे हमेशा डर बना रहता है। हम किसी को जबरन यहां से बेघर नहीं कर रहे हैं, पर जो लोग गंदगी फैलाते हैं, बिना दस्तावेजों के रहते हैं, उनको यहां रहने नहीं दिया जाएगा।

    पुलिस-प्रशासन को यह भी जांच करना होगा कि आखिर जो लोग यहां रह रहे हैं, क्या उनके आधार कार्ड बने हैं, अगर हैं तो कहां और कैसे बन गए।

     

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Featured Jabalpur Rohingya community
    Admin

    Related Posts

    मध्य प्रदेश में अब तक केवल बालाघाट का ‘चिन्नौर’ धान और रीवा का ‘सुंदरजा’ आम को मिला जीआइ टैग

    February 25, 2026

    जापान में सीएम योगी आदित्यनाथ का रोडशो: मित्सुई एंड कंपनी को यूपी में बड़े निवेश के लिए आमंत्रण

    February 25, 2026

    किसान मुकेश कमा रहे हैं एक पेड़ से 3 हजार रुपए वार्षिक आय

    February 25, 2026

    इन मार्गों पर नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन व जुलूस, पुलिस आयुक्त ने लगाया प्रतिबंध

    February 25, 2026

    विभिन्न रंगों और आकर्षक पैकेजिंग के साथ समूह द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल

    February 25, 2026

    हेलीकॉप्टर से हुरियारों और श्रद्धालुओं पर की गई पुष्प वर्षा

    February 25, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    मध्य प्रदेश में अब तक केवल बालाघाट का ‘चिन्नौर’ धान और रीवा का ‘सुंदरजा’ आम को मिला जीआइ टैग

    February 25, 2026

    जापान में सीएम योगी आदित्यनाथ का रोडशो: मित्सुई एंड कंपनी को यूपी में बड़े निवेश के लिए आमंत्रण

    February 25, 2026

    किसान मुकेश कमा रहे हैं एक पेड़ से 3 हजार रुपए वार्षिक आय

    February 25, 2026

    इन मार्गों पर नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन व जुलूस, पुलिस आयुक्त ने लगाया प्रतिबंध

    February 25, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Jan    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.