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    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»पीएम मित्रा पार्क से मप्र को बड़ी सौगात, टेक्सटाइल हब बनेगा निमाड़-मालवा, 3 लाख नौकरियां संभावित
    मध्यप्रदेश

    पीएम मित्रा पार्क से मप्र को बड़ी सौगात, टेक्सटाइल हब बनेगा निमाड़-मालवा, 3 लाख नौकरियां संभावित

    AdminBy AdminSeptember 16, 2025No Comments7 Mins Read
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    पीएम मित्रा पार्क से मप्र को बड़ी सौगात, टेक्सटाइल हब बनेगा निमाड़-मालवा, 3 लाख नौकरियां संभावित
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    धार

    धार के भैंसोला में बनने वाले पीएम मित्रा पार्क से मालवा-निमाड़ के कॉटन उत्पादक किसानों को तो फायदा होगा, साथ ही भोपाल, जबलपुर से लेकर ग्वालियर तक का टेक्सटाइल सेक्टर बूस्ट होगा। 2158 एकड़ भूमि पर लगभग ₹2050 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित होगा .

    बढे़गा टेक्सटाइल इंडस्ट्री का नेटवर्क पीएम मित्रा पार्क से आने वाले समय में जबलपुर और सागर में टेक्सटाइल इंडस्ट्री का विस्तार किया जाएगा। भोपाल के सतगढ़ी में रेडीमेड गारमेंट पार्क तैयार किया जा रहा है। ये पार्क कोलार रोड के सतगढ़ी में 61 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। इंदौर के परदेशीपुरा में प्लग-एन-प्ले गारमेंट कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं।

    इस कॉम्प्लेक्स में चार ब्लॉक में कुल 184 यूनिट संचालित हो सकेंगी। विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन के साथ ही मुरैना का मेगा फुटवियर और एक्सेसरीज कलस्टर भी इससे आर्थिक और औद्योगिक रूप से मजबूत होगा।

    टेक्सटाइल पार्क में ₹120 प्रति वर्गफीट में जमीन पीएम मित्रा पार्क में उद्योगपतियों को ₹120 प्रति वर्गफीट में जमीन मुहैया कराई जाएगी। ₹4.50 प्रति यूनिट के हिसाब बिजली दी जाएगी। आइडियल टेक्सटाइल प्रोसेसिंग के लिए ₹25 प्रति केएल के हिसाब से पानी मुहैया कराया जाएगा।

    पीएम मित्रा पार्क में ये रहेंगे इंतजाम

    •     पावर सप्लाई के लिए 220 केवी का विद्युत सब स्टेशन बनाया गया है।
    •     20 एमएलडी की क्षमता वाली वाटर सप्लाई डोरस्टेप तक मिलेगी।
    •     स्काडा मॉनिटरिंग की जाएगी।
    •     प्लग एंड प्ले और हाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
    •     इंडियन ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया भी चल रही है।

    पार्क के लिए एमपी में नेशनल लेवल के इंस्टीट्यूट पीएम मित्रा पार्क इसलिए मप्र के लिए अहम है। क्योंकि, यहां NIFT(नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी), NID(नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन), IITDM(इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजाइन एंड मेन्युफैक्चरिंग) जबलपुर और ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल में हैं।

    5F से 3 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार पीएम मित्रा पार्क में तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेषकर कपड़ा बनाने वाले सेक्टर में काम करने वाले कुशल श्रमिकों, कारीगरों और महिलाओं को इस पार्क से बड़ा फायदा होगा। पीएम मित्रा पार्क 5F की थीम पर काम करेगा। इसमें किसान अपने खेत से कपास कंपनियों को सीधे बेच सकेंगे।

    इसके बाद की प्रोसेस कपास की सफाई, कपडे़ बनाने रंगाई, छपाई के बाद गारमेंटिंग, डिजाइनिंग होगी और यहीं से कपड़े सीधे विदेशों में एक्सपोर्ट होंगे। पार्क लगभग 3,00,000 नौकरियों का सृजन करेगा, जिनमें 1,00,000 प्रत्यक्ष और 2,00,000 अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे।

    पीएम मित्रा पार्क में यह सब होगा स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, जल आपूर्ति प्रणाली, अपशिष्ट और सीवेज संग्रह, 220 KVA सबस्टेशन, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज़ और सुव्यवस्थित स्ट्रीट लाइटिंग और सुविधाएं जैसी आधुनिक ट्रंक अवसंरचना शामिल है।

    वैश्व‍िक बाजार से सीधे जुड़ेंगे मप्र के कपास उत्पादक किसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैविक कपास उत्पादन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। देश में जितना जैविक कपास उत्पादन होता है उसमें मध्यप्रदेश का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले में प्रथम पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास से मध्यप्रदेश देश की कॉटन कैपिटल बन जायेगा। कपास उत्पादक किसानों का सीधा संपर्क अंतर्राष्ट्रीय बाजार से हो जायेगा। पीएम मित्रा पार्क किसानों की मेहनत को वैश्विक पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की आधारशिला और किसानों के लिए नई संभावनाओं का द्वार बताया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्ट‍ि से किसानों की उपज खेतों से सीधे वैश्विक बाजार तक पहुँच जायेगी। इसमें मध्यप्रदेश की कपास उत्पादक धरती सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इस पार्क से कपास उत्पादक किसानों की समृद्धि के नये द्वार खुलेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि पीएम मित्रा पार्क किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं का जीवन बदलने वाली औदयोगिक परियोजना है। कपास उत्पादक किसान अब सीधे कपास आधारित उद्योगों से जुड़ जायेंगे, जिससे मध्यप्रदेश का कपास केवल फसल न रहकर प्रदेश की औद्योगिक पहचान बनेगा।

    मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के मालवा अंचल के जिलों में सबसे ज्यादा कपास उत्पादन होता है। इनमें प्रमुख रूप से इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, खण्डवा और बुरहानपुर शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन की स्थ‍िति अच्छी रही है। वर्ष 2022-23 में 8.78 लाख मीट्रिक टन, 2023-24 में 6.30 लाख मीट्र‍िक टन और 2024-25 में 5.60 लाख मीट्र‍िक टन कपास उत्पादन हुआ।

    इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों में भी कपास की अच्छी फसल ली जाती है। देश में ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रसिद्ध‍ि पा चुका है। यही वजह है कि वस्त्र उद्योग के लिए मध्यप्रदेश सबसे उपयुक्त राज्य साबित हुआ है। इसी पृष्ठभूमि के आधार पर धार को पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए चुना गया है।
    सर्व-सुविधायुक्त होगा पीएम मित्रा पार्क

    करीब 2,158 एकड़ में विकसित हो रहा पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं।
    निवेशकों ने जताया भरोसा

    निवेशकों ने भी भरोसा जताते हुए पीएम मित्रा पार्क में अब तक 27 हजार 109 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे। जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टेक्सटाइल हब के रूप में होने लगेगी।
    प्रधानमंत्री के विजन पर केन्द्रित है पार्क की थीम

    प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के अनुरूप यह पार्क “फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और विदेश” की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों में आदर्श बनायेगी।

    पीएम मित्रा पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा।

    पीएम मित्रा पार्क की अभी क्या है स्थिति

    पीएम मित्रा पार्क में निर्माण गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। जहां 60% साइट लेवलिंग और पार्क के मुख्य द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। स्टेट हाइवे क्र.18 से 1.4 किमी लंबी सिक्स लेन की एप्रोच रोड, बदनावर से 220KV की पावर लाइन और माही डैम से 20 MLD जल आपूर्ति योजना जैसी प्रमुख बाहरी परियोजनाओं के काम चल रहे हैं। पार्क को "ग्रीन रेटिंग" प्राप्त करने के लिए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के साथ परामर्श प्रक्रिया भी जारी है।

    ऐसे पहुंचा जा सकता है पार्क तक

        इंदौर से धार: यह दूरी लगभग 66-85 किमी है। सड़क से 1 घंटा 15 मिनट लगेंगे।
        धार से बदनावर: भैंसोला गांव बदनावर के अंतर्गत आता है। यहां से जाया जा सकता है।
        बदनावर से भैंसोला: यहां बदनावर से सड़क मार्ग से जाया जा सकता है।

    सबसे ज्यादा खरगोन में होता है कपास मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा कपास मालवा और निमाड़ क्षेत्र में किया जाता है। यहां की मिट्‌टी कपास के अनुकूल होती है। इसमें सबसे ऊपर नाम खरगोन का आता है। मध्य प्रदेश में बीते वर्ष लगभग 6,30,0000 हेक्टेयर में कपास की खेती हुई थी। इसी वर्ष कपास उत्पादन लगभग 8,73,000 मीट्रिक टन पैदा हुई थी।

    अकेले खरगोन में ही 252953 मीट्रिक टन कपास उत्पादन किया गया था। कपास की तुड़ाई के बाद इसे गांव स्तर पर मंडियों या जिनिंग–प्रेसिंग फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है। फैक्ट्री में कपास से रुई अलग किया जाता है।

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