Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»धर्म»भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर
    धर्म

    भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर

    AdminBy AdminSeptember 28, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, वाली कहावत काफी पुरानी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस पर काफी बल देते हैं। यह एक जानी-मानी बात है कि यदि दिमाग में कोई परेशानी हो तो थोड़े समय बाद इसका प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है और हम जल्दी जल्दी बीमार होने लगते हैं। शरीर में होने वाली पीड़ा, मांसपेशियों का दर्द आदि बढ़ जाता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हम जैसा सोचते हैं हमारा शरीर उसी के अनुकूल बनता है। हम जैसा महसूस करते हैं, जैसे काम करते हैं हमारा शरीर भी उसी ढांचे के अनुरूप बन जाता है। इसे ही प्रायः माइंड और बॉडी कनेक्शन कहा जाता है। जब हम तनाव में होते हैं, परेशानियों से घिरते हैं या बेचैन होते हैं तो हमारा शरीर इसका संकेत हमें देना शुरू कर देता है कि शरीर के साथ असामान्य स्थिति है। हममें से कई लोग अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में सफल हो जाते हैं। इसके विपरीत कुछ लोग तनाव के क्षणों में, विपरीत स्थितियों मे ओवर रिएक्ट करने लगते हैं। वह किसी भी बात को दिल से लगा लेते हैं। उन्हें जब लगता है कि वह कुछ भी कर पाने में सक्षम नहीं हैं तो वह तुरंत रोने लगते हैं, गुस्सा हो जाते हैं, उदासी उन्हें घेर लेती है और चिड़चिड़े हो जाते हैं। इस तरह के लोग परेशान होने के लिए बहाना ढूंढ़ते हैं। उनका यह चिढ़चिढ़ापन, अवसाद में रहने की प्रवृत्ति उनके शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती है।

    इसका असर उनके दिल-दिमाग पर ही नहीं शरीर पर भी दिखने लगता है। दरअसल, होता यह है कि जब आप तनाव में होते हैं या परेशान होते हैं उस समय अपने स्वास्थ्य के प्रति हम लापरवाह हो जाते हैं। तनाव के समय घूमने जाना, एक्सरसाइज करना, संतुलित भोजन लेना और डॉक्टर के निर्देेश के अनुसार दवाइयां खाना इन सब चीजों का रुटीन बिगड़ जाता है।

    सवाल है इन स्थितियों से बचाव के लिए क्या करें? इसके लिए चिकित्सक एबीसी का फार्मूला अपनाने की सलाह देते हैं। ए का अभिप्राय है, अवेयरनेस यानी कोई भी समस्या जब पैदा होती है तो उसके प्रति हमें पूरी तरह से सजग-सचेत होना चाहिए। इसमें किसी की प्रेरणा हमारे लिए सहायक सिद्ध हो सकती है या हम अपना स्वयं का नजरिया सकारात्मक बनाएं जिससे हम समस्या को अपने पास फटकने से पहले ही उसे दूर भगा दें। बी यानी बैलेंसिंग यानी सही और गलत के बीच संतुलन कायम रखने की क्षमता का अपने भीतर पैदा करना। सी का अभिप्राय है कंट्रोल यानी विपरीत स्थितियों पर प्रतिक्रिया को नियंत्रण में रखना।

    इन तमाम चीजों के अलावा हम पर हमारी भावनाएं हावी होकर हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर न डालें, इसके लिए जरूरी है कि हम संतुलित भोजन लें, समय पर भोजन करें और पर्याप्त नींद लें। किसी भी तरह का नशा न करें। अपनी समस्या को लेकर अपने आपको परेशानी में न रखें। नियमित शारीरिक व्यायाम करें। योगासन करें, मेडिटेशन करें। कुल मिलाकर शरीर को आराम पहुंचाने वाली गतिविधियां करें। जब कभी भावनात्मक दबाव में आएं और भावनाएं दिल-दिमाग पर इस कदर हावी होने लगें कि उनका आपके काम और रिश्तों पर नकारात्मक असर पडने लगे तो ऐसी स्थिति में किसी प्रोफेशनल की मदद लें। ज्यादा संवेदनशील होना किसी तरह की बीमारी नहीं है। यह अकसर कई लोगों के साथ होता है। एक खास अवसर पर ऐसा होना स्वाभाविक है।

    काउंसलर किसी भी स्थिति से निपटने में हमारी मदद करते हैं। इसलिए उनसे मदद लेने में हमें कोई संकोच नहीं करना चाहिए। वह अति संवेदनशील लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर ज्यादा परेशान न होने और उनसे निपटने के बेहतर उपाय सुझा सकते हैं। इन तमाम बातों के अलावा आप हर चीज के विषय में एक डायरी बनाएं, जिसमें कहां पर आप किस स्थिति में ओवररिएक्ट करते हैं उसमें नोट करें। इससे आपको अपनी समस्याओं के प्रति जागरूक होने में सहायता मिलेगी। याद रखें मानसिक समस्याएं धीरे-धीरे हमारे शरीर पर गलत असर डालती हैं और इसकी वजह से हमें कब्ज, डायरिया, कमर दर्द, भूख न लगना, मुंह सूखना, ज्यादा थकान लगना, हाई ब्लडप्रेशर से दर्द, अनिद्रा, गहरी सांस आना, गर्दन में दर्द, पसीना आना, पेट खराब होना, वजन बढना या कम होना जैसी तमाम समस्याएं आ सकती हैं इसलिए समय है सचेत हो जाइए। अपनी समस्याओं का असर अपने शरीर पर न पडने दें।

     

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    emotions health
    Admin

    Related Posts

    शिवलिंग पर जल चढ़ाने की सावधानियां: महाशिवरात्रि 2026 में इन 6 भूलों से बचें

    February 14, 2026

    सावधान! घर में इन जगहों पर रखा पैसा बढ़ा सकता है आर्थिक परेशानी

    February 14, 2026

    जन्म कुंडली का शिव रहस्य – 12 राशियाँ, 12 ज्योतिर्लिंग और आपका आध्यात्मिक संबंध

    February 14, 2026

    क्या सूर्य ग्रहण के समय सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए? जानिए शास्त्रीय मान्यताएँ

    February 14, 2026

    300 साल बाद बना दुर्लभ योग! महाशिवरात्रि पर सुबह से रात तक ऐसे करें शिव साधना

    February 14, 2026

    सावधान! नित्यानंद चरण दास ने बताए 6 तरह के लोग जिन पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए

    February 14, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    आसमान में बवाल: फ्लाइट में मारपीट से मचा हड़कंप, बेल्जियम में उतारना पड़ा विमान

    February 14, 2026

    घरेलू मनी ट्रांसफर में सुधार जरूरी: जयराम रमेश ने उठाया मुद्दा

    February 14, 2026

    गोल्ड-सिल्वर में भारी गिरावट! Valentine’s Day पर चांदी लुढ़की, सोने के दाम भी टूटे—देखें नया रेट

    February 14, 2026

    मासूमों की मौतों का रहस्य उजागर, कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर विसरा रिपोर्ट में नया खुलासा

    February 14, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Jan    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.