Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»देश»गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के नए नियम, मछुआरों को मिलेगा फिशर आईडी कार्ड
    देश

    गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के नए नियम, मछुआरों को मिलेगा फिशर आईडी कार्ड

    AdminBy AdminNovember 9, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के नए नियम, मछुआरों को मिलेगा फिशर आईडी कार्ड
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

     

    नई दिल्ली

    केंद्र सरकार ने समुद्री संसाधनों के बेहतर उपयोग और मछुआरों की सहायता के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के तहत गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए नए नियमों को अधिसूचित किया है। इन नियमों का मकसद मछुआरों, सहकारी समितियों और छोटे स्तर के मछुआरों को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही नए बदलावों का मकसद विदेशी जहाजों को भारतीय जलसीमा में मछली पकड़ने से रोकना भी है।

    क्या है नए नियमों की खास बातें?
    सरकार की ओर से बनाए गए नए नियमों के मुताबिक अब कोई भी विदेशी मछली पकड़ने वाला जहाज भारतीय समुद्री सीमा में मछली नहीं पकड़ सकेगा। इससे देश के छोटे मछुआरों के हितों की रक्षा होगी। नए नियमों में यह भी कहा गया है कि गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए अब मछुआरा सहकारी समितियों और मछली पालक उत्पादक संगठनों (FFPOs) को प्राथमिकता दी जाएगी। ये संगठन आधुनिक तकनीक से लैस नावों का इस्तेमाल कर सकेंगे।

    मछुआरों से जुड़ी सरकार की नई व्यवस्था में ‘मदर-चाइल्ड वेसल’ की भ्ी अवधारणा लाई गई है। इसकी सहायता से समुद्र के बीच में ही मछलियों का आदान-प्रदान संभव होगा। यह व्यवस्था खासकर अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे द्वीपों के लिए फायदेमंद साबित होगी। यह क्षेत्र भारत के ईईजेड का 49% हिस्सा रखते हैं।

    सरकार की ओर से अधिसूचित नए नियमों में पर्यावरण की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। नए नियमों में एलईडी लाइट से मछली पकड़ना, पेयर ट्रॉलिंग और बुल ट्रॉलिंग जैसी हानिकारक प्रथाओं पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, मछलियों को पड़नने के लिए कानूनी रूप से उनकी न्यूनतम लंबाई तय की जाएगी और राज्यों के साथ मिलकर मत्स्य प्रबंधन योजनाएं बनाई जाएंगी।

    मछुआरों को अब एक्सेस पास भी जारी किया जाएगा। अब बड़े और मोटर चालित जहाजों को EEZ में मछली पकड़ने के लिए ‘एक्सेस पास’ लेना होगा। यह पास मुफ्त में ReALCRaft पोर्टल से ऑनलाइन जारी किया जएएगा। छोटे और पारंपरिक मछुआरों को इससे छूट दी गई है। नए नियमों में कहा गया है कि सभी गहरे समुद्र में जाने वाले जहाजों में ट्रांसपोंडर लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, मछुआरों को QR कोड वाले आधार या फिशर ID कार्ड दिए जाएंगे। इससे सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी में मदद मिलेगी।

    निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
    ReALCRaft पोर्टल को एमपीईडीए और ईआईसी से जोड़ा जा रहा है। इससे मछलियों की पकड़ और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए जा सकें। इससे भारतीय समुद्री उत्पादों की वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

    मछुआरों को मिलेगा सरकारी सहयोग

    सरकार मछुआरों को ट्रेनिंग, अंतरराष्ट्रीय दौरे, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और ब्रांडिंग में मदद देगी। साथ ही, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और मत्स्य एवं जलकृषि अवसंरचना विकास निधि (FIDF) के तहत कर्ज की सुविधा भी दी जाएगी।

    भारत की समुद्री ताकत
    भारत के पास 11,099 किलोमीटर लंबा समुद्री तट और 23 लाख वर्ग किलोमीटर का EEZ क्षेत्र है, जो 50 लाख से ज्यादा मछुआरों की आजीविका का आधार है। भारत मछली उत्पादन और जलकृषि में दुनिया में दूसरे स्थान पर है, और हर साल करीब 60,000 करोड़ रुपये का समुद्री उत्पाद निर्यात करता है।

    अब तक क्यों नहीं हो पाया ईईजेड का पूरा उपयोग?
    हालांकि भारत के पास विशाल समुद्री क्षेत्र है, लेकिन गहरे समुद्र में मौजूद ट्यूना जैसी कीमती मछलियों का दोहन अब तक सीमित रहा है। वहीं, श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया और यूरोपीय देश भारतीय महासागर से बड़ी मात्रा में ट्यूना मछली पकड़ते हैं।

    नए नियमों से क्या बदलेगा?
    ये नियम भारत को समुद्री उत्पादों के वैश्विक व्यापार में और मजबूत बनाएंगे। साथ ही, यह एक ऐसा मॉडल पेश करते हैं जिसमें तकनीक, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। इससे न केवल मछुआरों को फायदा होगा, बल्कि समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की भी रक्षा होगी।

     

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Fisher ID card fishermen New identity
    Admin

    Related Posts

    India AI Summit पर लूला हुए प्रभावित, बोले- टेक्नोलॉजी से बदल रही दुनिया की दिशा

    February 19, 2026

    भारत का AI भविष्य उज्ज्वल: सैम ऑल्टमैन बोले– प्रतिभा और टेक्नोलॉजी का मजबूत संगम

    February 19, 2026

    त्योहार पर बढ़ी भीड़ को देखते हुए बड़ा फैसला: मुंबई से बिहार और पूर्वांचल के लिए 30 अतिरिक्त ट्रेनें

    February 19, 2026

    माता वैष्णो देवी भवन में वीडियो बनाना हुआ प्रतिबंधित, नए नियम के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

    February 19, 2026

    वैष्णो देवी यात्रा के नए नियम लागू: भवन परिसर में वीडियो बनाना पड़ा भारी, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

    February 19, 2026

    भारत-UAE रिश्तों में AI बना नया पुल, पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस ने बढ़ाया सहयोग

    February 19, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    आज का राशिफल 20 फरवरी: किन राशियों के लिए शुभ रहेगा दिन? पढ़ें पूरा भविष्यफल

    February 19, 2026

    मां कामाख्या के दरबार पहुंचीं प्रियंका गांधी वाड्रा, असम दौरे की शुरुआत पूजा से

    February 19, 2026

    India AI Summit पर लूला हुए प्रभावित, बोले- टेक्नोलॉजी से बदल रही दुनिया की दिशा

    February 19, 2026

    भारत का AI भविष्य उज्ज्वल: सैम ऑल्टमैन बोले– प्रतिभा और टेक्नोलॉजी का मजबूत संगम

    February 19, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Jan    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.