Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»विदेश»ब्रिटेन की सख्त कार्रवाई: खालिस्तानी नेटवर्क की कमर तोड़ी, संपत्ति जब्त और कंपनियों पर प्रतिबंध
    विदेश

    ब्रिटेन की सख्त कार्रवाई: खालिस्तानी नेटवर्क की कमर तोड़ी, संपत्ति जब्त और कंपनियों पर प्रतिबंध

    AdminBy AdminDecember 6, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ब्रिटेन की सख्त कार्रवाई: खालिस्तानी नेटवर्क की कमर तोड़ी, संपत्ति जब्त और कंपनियों पर प्रतिबंध
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    लंदन 
    भारत के दबाव के बीच ब्रिटेन ने खालिस्तानी आतंकवादी समूहों के खिलाफ बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। ब्रिटिश सरकार ने 4 दिसंबर को गुरप्रीत सिंह रेहल नामक एक व्यक्ति और बब्बर अकाली लहर संगठन पर आतंकवाद से जुड़े आरोपों के तहत प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई खासतौर पर बब्बर खालसा इंटरनेशनल नामक प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादी संगठन से इनकी सांठगांठ के लिए की गई है। इस कदम से ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग करने वाले चरमपंथियों को झटका लगेगा और भारत-ब्रिटेन के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
     
    ब्रिटेन सरकार ने काउंटर-टेररिज्म (सैंक्शंस) (ईयू एग्जिट) रेगुलेशंस 2019 के तहत इन प्रतिबंधों को लागू किया है। मुख्य कार्रवाइयों में शामिल हैं-

    संपत्ति फ्रीज: रेहल, बब्बर अकाली लहर और इनसे जुड़ी कंपनियों की ब्रिटेन में स्थित सभी संपत्तियों, फंड्स और आर्थिक संसाधनों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। ब्रिटिश नागरिकों या संस्थाओं को इन संसाधनों से कोई सौदा करने, या इन्हें कुछ भी उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं है, जब तक कि एचएम ट्रेजरी से लाइसेंस न मिले।

    कंपनियों पर असर: रेहल से जुड़े संगठन सेविंग पंजाब सीआईसी, वाइटहॉक कंसल्टेशंस लिमिटेड और अनइनकॉर्पोरेटेड संगठन लोहा डिजाइन्स पर भी प्रतिबंध लगे हैं।

    निदेशक पद पर प्रतिबंध: गुरप्रीत सिंह रेहल को किसी कंपनी का निदेशक बनने या उसके प्रबंधन में प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने से रोक दिया गया है।

    प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर सात साल तक की कैद या 10 लाख पाउंड तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय के मूल्यांकन के अनुसार, यह पहली बार है जब घरेलू काउंटर-टेररिज्म रिजीम का इस्तेमाल खालिस्तानी मिलिटेंट ग्रुप्स के फंडिंग को बाधित करने के लिए किया गया है।

    खालिस्तानी आतंक से जुड़े आरोप: भर्ती, फंडिंग और हथियार खरीद
    गुरप्रीत सिंह रेहल पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त संगठनों से जुड़ने का आरोप है। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि वह बब्बर खालसा और बब्बर अकाली लहर की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इन आतंकी संगठनों की गतिविधियों में समूहों का प्रचार-प्रसार और प्रोत्साहन, भर्ती अभियान चलाना, वित्तीय सेवाएं प्रदान करना, हथियारों और अन्य सैन्य सामग्री की खरीद में सहायता और ऐसे ही संगठनों को समर्थन और सहयोग देना शामिल है।

    बब्बर अकाली लहर को बब्बर खालसा का सहयोगी संगठन माना जाता है, जो इसकी भर्ती, प्रचार और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। बब्बर खालसा इंटरनेशनल एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है, जो खालिस्तान आंदोलन के नाम पर हिंसा और घृणा फैलाने के लिए फेमस है। ब्रिटेन सरकार की ये कार्रवाइयां भारत में हो रही आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने वाले नेटवर्क को निशाना बनाती है।

    ब्रिटिश अधिकारियों के बयान: 'आतंकवाद के फंडिंग को कुचलेंगे'
    आर्थिक सचिव लूसी रिग्बी केसी एमपी ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि जब आतंकवादी ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का शोषण करेंगे तो हम चुपचाप नहीं देखेंगे। यह ऐतिहासिक कदम दर्शाता है कि हम हर उपलब्ध टूल का इस्तेमाल करके आतंकवाद की फंडिंग को रोकने के लिए तैयार हैं- चाहे वह कहीं भी हो। ब्रिटेन उन शांतिपूर्ण समुदायों के साथ दृढ़ता से खड़ा है, जो हिंसा और घृणा को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ हैं।

    भारत-ब्रिटेन सहयोग को मिली मजबूती: वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा
    यह कदम भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते आतंकवाद विरोधी सहयोग का प्रतीक है। ब्रिटेन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह विदेशी मिट्टी पर आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खालिस्तानी चरमपंथियों के वैश्विक फंडिंग चैनलों पर असर पड़ेगा। इससे भारत की सुरक्षा चिंताएं भी जुड़ी हुई हैं।

    बब्बर खालसा का इतिहास और खतरा
    बब्बर खालसा 1980 के दशक में खालिस्तान आंदोलन के दौरान उभरा। यह भारत में कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। यह संगठन हथियार तस्करी, विस्फोटक हमले और राजनीतिक हत्याओं में लिप्त रहा है। ब्रिटेन में इसके समर्थक लंदन और अन्य शहरों में सक्रिय हैं, जहां वे फंडिंग और प्रचार के जरिए गतिविधियां चलाते हैं। हाल के वर्षों में, भारत ने ब्रिटेन से ऐसे नेटवर्क्स पर कार्रवाई की मांग की थी, और यह संयुक्त घोषणा उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कार्रवाई ब्रिटेन की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो वैश्विक आतंकवाद को फंडिंग रोकने पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में और प्रतिबंधों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ रहा है।

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    against Khalistani terrorists: Assets frozen
    Admin

    Related Posts

    पाकिस्तान पर तालिबान का जोरदार वार, डूरंड लाइन पर दो और पोस्ट कब्जे में, युद्ध में बढ़ोतरी

    March 3, 2026

    कैमरों से तेहरान को पढ़ रहा था इजरायल, नेतन्याहू ने कहा- युद्ध जल्दी खत्म होगा

    March 3, 2026

    बड़ी सैन्य गलती! कुवैत ने अपने ही सहयोगी के 3 F-15E जेट मार गिराए, US ने जताई प्रतिक्रिया

    March 2, 2026

    हवाई यात्रा पर ईरान संकट की मार: सैकड़ों उड़ानें कैंसिल, यात्रियों को रिफंड में छूट

    March 2, 2026

    पानी पर बढ़ा तनाव: भारत की योजना से घबराया पाकिस्तान, समाधान नहीं सूझ रहा

    March 2, 2026

    ईरान में सियासी हलचल तेज! खामेनेई को लेकर अटकलें, IRGC गार्ड्स पर मंत्री का बड़ा बयान

    March 2, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    इंग्लैंड से तीसरी बार सेमीफाइनल में टकराएगा भारत, कौन होगा आगे?

    March 3, 2026

    अभिषेक चौबे–सिद्धांत चतुर्वेदी की जोड़ी, अब बलिया की कहानी बड़े पर्दे पर

    March 3, 2026

    हार्ट अटैक: महिलाओं में दिखते हैं अलग संकेत, जिन्हें नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी

    March 3, 2026

    केंद्रीय विश्वविद्यालय में होली मिलन में तेज साउंड बजाने पर छात्रों में जमकर चले लात-घूंसे

    March 3, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.