Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»विदेश»क्या बढ़ता दबाव बना वजह? विपक्ष से संवाद को तैयार हुए पीएम शहबाज
    विदेश

    क्या बढ़ता दबाव बना वजह? विपक्ष से संवाद को तैयार हुए पीएम शहबाज

    AdminBy AdminDecember 23, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    क्या बढ़ता दबाव बना वजह? विपक्ष से संवाद को तैयार हुए पीएम शहबाज
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    इस्लामाबाद 
    पाकिस्तान की सियासत फिर करवट ले रही है। लामबंद विपक्ष ने एक मंच से सरकार की नाकामियां गिनाईं और सरकार के खिलाफ आगामी साल 8 फरवरी को 'ब्लैक डे' मनाने का ऐलान किया। इस फैसले के सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर छाते ही हुक्मरान थोड़ा असहज हो गए। पहले रसूखदार मंत्री, इमरान खान को लेकर बात न करने का संकल्प ले रहे थे, तो अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्पष्ट कह दिया कि वे बातचीत को तैयार हैं। शरीफ ने मंगलवार को कहा कि वह विपक्ष के साथ बातचीत के अपने प्रस्ताव को दोहरा रहे हैं। साथ ही, इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत केवल "वैध मामलों" पर ही आगे बढ़ सकती है। 

    दरअसल, 21 दिसंबर को, विपक्षी गठबंधन तहरीक तहफ्फुज आईन-ए-पाकिस्तान (टीटीएपी) द्वारा आयोजित एक "राष्ट्रीय सम्मेलन" के दूसरे और आखिरी दिन, प्रतिभागियों ने सरकार की नाकामियां गिनाईं, अर्थव्यवस्था की बदहाली का ब्योरा दिया और चरमराई कानून व्यवस्था का हवाला दिया। 8 फरवरी 2023 में जो सरकार चुनी गई उसकी वैधता पर भी सवाल खड़े किए और इसकी बरसी को ही 8 फरवरी 2026 में मनाने का फैसला लिया। इस दौरान कुछ दलों ने आवाम की बेहतरी के लिए संवाद कायम करने की भी बात कही थी।

    प्रधानमंत्री का यह प्रस्ताव इस्लामाबाद में एक संघीय कैबिनेट बैठक के दौरान दिया गया, जहां उन्होंने विपक्ष की पीटीआई (पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ) और उसके "साथियों द्वारा बातचीत के बारे में बात करने" की खबरों का जिक्र किया।
    यहां शरीफ याद दिलाना नहीं भूले कि उन्होंने पहले भी "कई मौकों पर ऐसी पेशकश की है, जिसमें असेंबली भी शामिल है, और विपक्ष को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था।" उन्होंने कहा, "अगर वे इसके लिए तैयार हैं, तो पाकिस्तान सरकार निश्चित रूप से तैयार है," और कहा कि देश की प्रगति और समृद्धि के लिए सभी राजनीतिक दलों के बीच सद्भाव जरूरी है।

    शरीफ ने इसके साथ ही कहा कि बातचीत की आड़ में कोई "ब्लैकमेलिंग" नहीं होनी चाहिए और बातचीत केवल "वैध मामलों " को लेकर ही आगे बढ़ सकती है।
    विपक्षी दलों के सम्मेलन में टीटीएपी का मानना ​​था कि मौजूदा राष्ट्रीय संकट को देखते हुए, देश को पहले से कहीं ज्यादा एक नए लोकतंत्र चार्टर की जरूरत है। सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत की जरूरत पर जोर दिया गया है क्योंकि पाकिस्तान राजनीतिक और आर्थिक संकटों का सामना कर रहा है। वहीं, शरीफ की बैठक में कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने सहिष्णुता और बातचीत पर आधारित एक नए राष्ट्रीय राजनीतिक चार्टर का आग्रह किया, जबकि पीएम के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक स्थिरता केवल संयम, आपसी सम्मान और निरंतर बातचीत से ही हासिल की जा सकती है।

    डॉन के अनुसार, ऐसा नहीं है कि सरकार की ये पहली पेशकश है। एक साल से ज्यादा समय तक बढ़े तनाव के बाद, दोनों पक्षों ने राजनीतिक माहौल को शांत करने के लिए दिसंबर 2024 के आखिरी सप्ताह में बातचीत शुरू की थी। लेकिन हफ्तों की बातचीत के बावजूद, बातचीत की प्रक्रिया बड़े मुद्दों पर अटक गई थी। मुद्दा 9 मई, 2023 और 26 नवंबर, 2024 के विरोध प्रदर्शनों की जांच के लिए दो न्यायिक आयोगों का गठन और पीटीआई कैदियों की रिहाई था। शहबाज सरकार ने इस साल फरवरी में एक बार फिर विपक्षी दल पीटीआई को बातचीत का प्रस्ताव दिया था। इसे इमरान खान की पार्टी ने ठुकरा दिया था। पार्टी नेता असद कैसर ने सरकार के दोहरे चरित्र पर सवाल खड़े किए थे और पूछा कि वे सरकार के साथ बातचीत कैसे कर सकते हैं, जब शासकों ने पीटीआई पर कार्रवाई तेज कर दी है।

    नेशनल असेंबली के स्पीकर सादिक ने 13 नवंबर को सरकार और विपक्षी पार्टियों के बीच बातचीत कराने के लिए अपने प्रस्ताव को दोहराया था। लेकिन तब प्रस्ताव की 'टाइमिंग' पर सवाल उठे थे। उस समय पीटीआई सदस्य 27वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित होने के दौरान असेंबली में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
    6 दिसंबर को, पीटीआई समर्थित सांसद ने सीनेट में कानून के शासन की कमी और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकातों पर बिना बताए प्रतिबंध की निंदा की। कथित तौर पर सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव दिया जिसे सिरे से खारिज कर दिया गया। मंगलवार की बैठक में प्रधान मंत्री के सलाहकार ने कहा कि "जिनसे वे (पीटीआई) बातचीत करना चाहते हैं, वे उनसे बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।" यहां "जिनसे" से मतलब आसिम मुनीर की सेना से है।

    मतलब स्पष्ट है कि पाकिस्तान की डोर अब भी आईएसआई और सेना के हाथ में है और सरकार दिखावे की ओट में बातचीत का प्रस्ताव दे रही है। जानते वो भी हैं कि जिस रास्ते पर पाकिस्तान चल पड़ा है वहां संवाद का कोई अर्थ नहीं रह गया है। खौफ है तो सत्ता के हाथ से चले जाने का। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है, मानवाधिकार संगठन भी मुखर हैं ऐसे में ये इमेज बचाने की कोशिश भी हो सकती है।
     

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    PM Shehbaz faces
    Admin

    Related Posts

    मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा खुलासा, सामने आए ऑडियो ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी

    March 17, 2026

    फिल्मी अंदाज में वारदात: मिर्ची झोंककर 1 करोड़ कैश लूट ले गए बदमाश

    March 17, 2026

    इजरायल का बड़ा दावा: ईरान के टॉप कमांडर समेत सुरक्षा प्रमुख को मार गिराया, क्षेत्र में तनाव बढ़ा

    March 17, 2026

    अफगानिस्तान पर पाक हमले से गरमाया माहौल, भारत ने UN में खोली पोल—अहमदियों पर अत्याचार का भी जिक्र

    March 17, 2026

    ईरान पर बढ़ता तनाव: आखिर क्यों खामोश या खिलाफ हैं पड़ोसी मुस्लिम देश?

    March 17, 2026

    काबुल में आतंकी ठिकाने बताकर पाकिस्तान ने 400 लोगों की जान ली, जिनमें मरीज और आम लोग भी शामिल

    March 17, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    18 मार्च 2026 का राशिफल: किस राशि का भाग्य चमकेगा, और किसे सतर्क रहने की जरूरत होगी

    March 17, 2026

    CBSE Class 10 Exam Update: LOC सबमिशन शुरू, छात्रों के लिए अहम गाइडलाइंस जारी

    March 17, 2026

    मुख्य सचिव विकासशील मंत्रालय में कार्य निष्पादन में गृह विभाग अव्वल

    March 17, 2026

    Eknath Shinde-Narendra Modi बैठक: वैश्विक हालात और भारत के हितों पर मंथन

    March 17, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.