Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद
    मध्यप्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद

    AdminBy AdminDecember 31, 2025No Comments15 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email
    • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद
    • मातृ सत्तात्मक संस्कृति से मिले हैं नारी सम्मान के संस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    • भाई के घर (मुख्यमंत्री निवास) आई बहनों को मिला सम्मान
    • भाई के साथ बहनें मनायेंगी आगामी त्योहार
    • जमीन से आसमान तक सफलतापूर्वक बहनें हैं नंबर वन
    • भाई का वादा, बहनों को मिलेगा और भी ज्यादा
    • सरगम के सुरों ने बांधा समां, मुख्यमंत्री ने दिये 51 हजार रूपये
    •  राज्य सरकार की प्राथमिकता मातृ शक्ति का सशक्तिकरण
    • मुख्यमंत्री ने प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और ड्रोन दीदीयों से की आत्मीय चर्चा
    • बहनों ने मुख्यमंत्री से साझा किये अपने अनुभव और विचार
    • मुख्यमंत्री निवास पर हुआ "सशक्त और समर्थ नारी" संवाद कार्यक्रम

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।   

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं। जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं। शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि राज्य सरकार महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है। राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा  महिलाओं को सुविधाएं हुई हैं।  

    अनूठा आयोजन – सीधा संवाद

    प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधा संवाद किया। इस अनूठे आयोजन में स्वास्थ्य, शिक्षा, टेक्सटाइल, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय बहनों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और नवाचार साझा किए।

    संवाद की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल संवाद नहीं, बल्कि समाज की उस जीवंत परंपरा का विस्तार है जिसमें बहनें जमीन से आसमान तक हर कदम आगे बढ़ते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज नारी शक्ति केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्व की सक्रिय भूमिका में है।

    माँ के दिये संस्कार हैं हमारी धरोहर

    मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि माँ द्वारा दिए गए संस्कार हमारी धरोहर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी माँ का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनकी माँ उनमें और उनके मित्रों में कोई भेद नहीं करती थीं। सबको समान रूप से प्रेम और स्नेह मिलता था। उनका प्रयास है कि माँ के दिये संस्कारों के अनुरूप वे भी कार्य कर सके।

    मुख्यमंत्री ने सरगम के सुर को किया सम्मानित, 51 हजार रुपए का दिया नगद पुरस्कार

    कार्यक्रम के दौरान बालिका सरगम कुशवाह ने राष्ट्र भक्ति गीत गाया। उसकी सुरमई और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरगम की प्रतिभा की सराहना करते हुए उसे कंठ कोकिला कहकर संबोधित किया और 51 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। सरगम के सुरों से निकले 51 हजार रुपए नन्ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं।

    हमने प्रशासन की ज़िम्मेदारी दी है नारी शक्ति के हाथ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद करते हुए कहा कि आज प्रदेश के 17 जिलों में महिलाएं कलेक्टर हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 16 में से 9 नगरीय निकायों में महिलाएं महापौर हैं। इनमें 7321 पार्षदों में 4154 महिलाएं पार्षद हैं। इसी प्रकार 875 जिला पंचायत सदस्यों में 519 महिलाएं और 6771 जनपद पंचायत सदस्यों में 4068 महिलाएं सदस्य हैं। प्रदेश की 22923 ग्राम पंचायतों में 12319 ग्राम पंचायतों में महिलाएं सरपंच हैं। यह मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त कई जिलों में एसपी, नगर निगम अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे दायित्व को बहनें बखूबी संभाल रही हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि आधी आबादी से सीधा संवाद अब नीतियों और प्रशासन में भी दिखने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी शक्ति की यह भूमिका समाज को संतुलित, संवेदनशील और मजबूत बनाने में अहम है।

    साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी कैंसर मरीजों की कर रही है सेवा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में नवाचार करते हुए नये-नये कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने जबलपुर की साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी की चर्चा करते हुए बताया कि वे आध्यात्मिक आश्रम के साथ ही कैंसर मरीजों की सेवा भी कर रही है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा स्थापित चिकित्सा संस्थान "विराज हास्पिस" में ऐसे कैंसर मरीज आते हैं जो कि अंतिम समय तक आश्रम में ही रहते हैं। ज्ञानेश्वरी दीदी ऐसे मरीजों का उनके अंतिम समय तक उपचार भी कराती है।  

    महिला सशक्तिकरण की मिसाल है रतलाम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल रतलाम जिले ने भी कायम की है। जिले में अधिकांश प्रमुख पदों को महिलाएं सुशोभित कर रही हैं। यहाँ कलेक्टर मीसा सिंह, सीईओ जिला पंचायत सुवैशाली जैन, अपर कलेक्टर डॉ. सारणी श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि श्रीमती नीलम चौहान, उप संचालक जनसम्पर्क श्रीमती अनुराधा गहरवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती रंजना सिंह, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. संध्या बेलसेरे, डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. अनिता मुथा, उप संचालक सामाजिक न्याय श्रीमती संध्या शर्मा, डिस्ट्रीक कमांडेंड होमगार्ड रोशनी बिलवाल, एसडीएम रतलाम शहर श्रीमती आर्ची और एसडीएम आलोट श्रीमती रचना शर्मा है।

    भारतीय वस्त्रों को आधुनिक पहचान दे रहीं दीपाली शर्मा

    टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी दीपाली शर्मा ने संवाद में बताया कि वे और उनकी बहन मिलकर पिछले 12–13 वर्षों से हैंडलूम आधारित परिधान ब्रांड चला रही हैं। बाग प्रिंट, चंदेरी फैब्रिक, हैंडलूम खादी और पारंपरिक भारतीय वस्त्रों को आधुनिक सिलुएट और कस्टमाइजेशन के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि उनका कार्य केवल फैशन तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे कारीगरों से जुड़कर हैंडलूम को सशक्त करना है। उनके संस्थान में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहनों को रोजगार मिल रहा है। भारतीय पारंपरिक परिधानों की वैश्विक मांग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके उत्पाद देश-विदेश में पसंद किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही वे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर और अधिक महिलाओं को मंच उपलब्ध कराएंगी।

    परंपरा से आधुनिकता तक – श्रीमती रेनू नायक

    भोपाल की उद्यमी सुरेनू नायक ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सोच स्पष्ट हो और दृष्टि नवाचारी, तो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम संभव है। रेनू नायक “सिग्नेचर बुटीक” का संचालन करती हैं, जहाँ वे आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए नए और समकालीन डिज़ाइन के परिधान तैयार करती हैं। उनकी विशेषता यह है कि वे प्राचीन महेश्वरी और बाग बटिक जैसे पारंपरिक प्रिंट्स को आधुनिक वेस्टर्न परिधानों के साथ सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रही हैं। रेनू नायक का मानना है कि भारतीय और पारंपरिक वस्त्र केवल विरासत नहीं, बल्कि आज की फैशन इंडस्ट्री की सशक्त पहचान भी बन सकते हैं। इसी सोच के साथ वे शासकीय एम्पोरियम मृगनयनी जैसे प्रतिष्ठित मंचों के साथ भी कार्य कर रही हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक कला को व्यापक पहचान मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि क्षेत्रीय कॉन्क्लेव, एमएसएमई संवाद और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसी पहलें नवोदित उद्यमियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं। मुख्यमंत्री का सकारात्मक संवाद और उद्यमियों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण प्रदेश में नए व्यवसायों को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देता है।

    स्वास्थ्य सेवा में जन-आंदोलन बना ‘मुक्त’ अभियान :  डॉ. पूजा त्रिपाठी

    संवाद में शामिल (प्रो.) डॉ. पूजा त्रिपाठी, सुपर स्पेशलिस्ट डेंटिस्ट एवं संस्थापिका ग्लोबल वेलफेयर स्माइल फाउंडेशन, ने मुख कैंसर के खिलाफ अपने 15 वर्षों के अभियान की जानकारी साझा की। वर्ष 2011 से वे तंबाकू मुक्त समाज के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही हैं। डॉ. पूजा त्रिपाठी ने बताया कि उनका ‘मुक्त’ अभियान आज एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। वर्ष 2017 में हजारों लोगों को तंबाकू छोड़ने की शपथ दिलाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। वहीं वर्ष 2025 में एक ही दिन, एक ही समय पर लगभग डेढ़ लाख लोगों को तंबाकू छोड़ने की शपथ दिलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। उनकी संस्था स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और औद्योगिक इकाइयों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाती है, तंबाकू मुक्त क्षेत्र विकसित करती है और एमओयू के माध्यम से निरंतर अभियान संचालित करती है।

    शिक्षा, संवेदना और सशक्तिकरण का संगम : डॉ. अंजली चौधरी

    डॉ अंजली चौधरी, शिक्षा के साथ-साथ उद्यमिता और सामाजिक दायित्व की सशक्त मिसाल हैं। वे एलएनसीटी शैक्षणिक संस्थान में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष होने के साथ-साथ बाग मुगालिया में स्वयं की हरि लाइफ सांइसेस का सफल संचालन भी कर रही हैं। उनका मानना है कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और जीवन को दिशा देने का माध्यम भी है। एक संवेदनशील उद्यमी के रूप में डॉ. अंजली चौधरी विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक परामर्श प्रदान करती हैं। इसके साथ ही वे पारिवारिक परामर्श के माध्यम से अनेक परिवारों को मार्गदर्शन और समाधान उपलब्ध करा रही हैं। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी सशक्त बनाना है, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में संतुलित निर्णय ले सकें।

     प्रेरणा और मिसाल: सुसरगम कुशवाह

    जहाँ चाह होती है, वहाँ राह होती है—इस कथन को साकार करती हैं सुसरगम कुशवाह। सशक्त नारी–समर्थ नारी संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सुसरगम कुशवाह के मधुर सुरों ने समां बाँध दिया और उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

    दृष्टिबाधित होते हुए भी सरगम ने अपने हुनर के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है। बचपन से ही गायन में गहरी रुचि रखने वाली सरगम ने निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए रियलिटी शोज़ में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनका मानना है कि संगीत केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मबल और संकल्प का स्वर है।

    दीदी सुधाना पशु आहार से बढ़ा दुग्ध उत्पादन

    बहन श्रीमती संगीता मालवीय ने बताया कि मैं आत्मनिर्भर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, इच्छावर की बोर्ड सदस्य हूँ। हमारी कंपनी का गठन 31 जनवरी 2021 को एफपीओ योजना के अंतर्गत हुआ। आज कंपनी से 2,000 किसान शेयर धारक जुड़े हैं। हम उच्च गुणवत्ता के बीज, खाद, दवाइयाँ, प्रोम खाद और वर्मी कम्पोस्ट उपलब्ध कराते हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए हमारा “दीदी सुधाना” पशु आहार तैयार किया गया है, जिसकी जांच में 96% तक पोषण क्षमता पाई गई है। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। अब तक कंपनी ने 6.03 करोड़ रूपये का कारोबार और 4.5 लाख रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। श्रीमती मालवीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का धन्यवाद देती हैं, जिन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर के साथ प्रोत्साहन दिया।

    गर्व होता है कि हम मध्यप्रदेश की बेटियाँ हैं

    बहन पिंकी तिवारी ने बताया कि मैं पिछले 18 वर्षों से ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री से जुड़ी हूँ। कम्युनिटी रेडियो सेट-अप से लेकर डॉक्यूमेंट्री, कॉर्पोरेट फिल्म मेकिंग, सरकारी कार्यक्रमों की होस्टिंग और वर्तमान में ब्रांडिंग, कम्युनिकेशन व मार्केटिंग के क्षेत्र में कार्य कर रही हूँ। मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लागू योजनाओं से हमें निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन मिलता है। बाहर जाने पर गर्व से कहा जा सकता है कि हम मध्यप्रदेश की बेटियाँ हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहती है कि मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग और मार्केटिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली महिलाओं को ऐसा ही सहयोग मिलता रहे, ताकि वे प्रदेश का नाम रोशन करें।

    नमो ड्रोन योजना से बदली श्रीमती वंदना केवट की ज़िंदगी

    रायसेन जिले की सिलवानी जनपद के ग्राम भानपुर निवासी श्रीमती वंदना केवट स्व-सहायता समूह तथा नमो ड्रोन योजना की मदद से आर्थिक उन्नति कर प्रधानमंत्री मोदी के सपनों को साकार कर रहीं हैं। वंदना केवट अब अपने क्षेत्र में ड्रोन वाली दीदी के नाम से जानी जाती है। श्रीमती वंदना केवट बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उनके जीवन में बदलाव आया है। वह आर्थिक रूप से सक्षम हुईं हैं तथा समाज में भी मान-सम्मान बढ़ा है।

    पूर्व मिसेज इंडिया श्रीमती अपेक्षा डबराल श्रीवास्तव बड़ी खुशी के साथ कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण की जो मुहिम शुरू की है, उसके अंतर्गत बचपन से लेकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तक के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। गृहिणी महिलाओं के साथ-साथ उद्यमी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी मध्यप्रदेश सरकार निरंतर और प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।

    निरंतर संवाद से सशक्त होती नारी शक्ति

    यह पहला अवसर नहीं है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से सीधा संवाद किया हो। वे नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही बहनों को अपने निवास पर आमंत्रित कर संवाद करते हैं। इन संवादों के माध्यम से वे उनके कार्यों, चुनौतियों और शासन-प्रशासन से जुड़ी अपेक्षाओं को समझते हैं और नीतिगत सुझावों को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे संवाद बहनों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास से लबरेज करते हैं। 

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Featured mohan
    Admin

    Related Posts

    मुख्य सचिव जैन से आईज़ीआई वेंचर्स के संस्थापक ने की भेंट

    March 18, 2026

    सड़क हादसे के घायलों की जान बचाने के लिए थाना स्टॉफ को दिया जाए विशेष प्रशिक्षण

    March 18, 2026

    शासकीय नर्सरियों को बनाया जायेगा आदर्श नर्सरी : मंत्री कुशवाह

    March 18, 2026

    इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ती आग की घटनाएं: तीन साल का आंकड़ा चौंकाने वाला, रोज़ 25 हादसे क्यों?

    March 18, 2026

    9 साल पूरे होने पर Yogi Adityanath का दावा- यूपी में नवरात्र और रमजान शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाते हैं

    March 18, 2026

    नरवाई न जलाएं किसान, पैदावार क्षमता बढ़ाने के लिए अपनाएं जैविक एवं प्राकृतिक खेती

    March 18, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    पाकिस्तान पर अफगानिस्तान का आरोप, विदेश मंत्री ने कूटनीतिज्ञों से कहा– सच उजागर करें

    March 18, 2026

    मुख्य सचिव जैन से आईज़ीआई वेंचर्स के संस्थापक ने की भेंट

    March 18, 2026

    संसद में गूंजा ‘सरके चुनर तेरी’ विवाद, अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान—गाने पर बैन

    March 18, 2026

    सड़क हादसे के घायलों की जान बचाने के लिए थाना स्टॉफ को दिया जाए विशेष प्रशिक्षण

    March 18, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.