Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»देश»कैंसर पर नई उम्मीद: जापानी ट्री फ्रॉग से खोजा गया ताकतवर ड्रग
    देश

    कैंसर पर नई उम्मीद: जापानी ट्री फ्रॉग से खोजा गया ताकतवर ड्रग

    AdminBy AdminJanuary 1, 2026No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    कैंसर पर नई उम्मीद: जापानी ट्री फ्रॉग से खोजा गया ताकतवर ड्रग
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नईदिल्ली 

    कैंसर को आज भी दुनिया की सबसे गंभीर और जानलेवा बीमारियों में गिना जाता है. विज्ञान और मेडिकल टेक्नोलॉजी में लगातार तरक्की के बावजूद अब तक कैंसर का पूरी तरह और स्थायी इलाज नहीं मिल पाया है. लेकिन अब जापान के वैज्ञानिकों की एक नई खोज ने उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है. यह खोज सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन आने वाले वर्षों में यह लाखों जिंदगियां बचा सकती है.

    दरअसल, जापान के वैज्ञानिकों ने मेंढक, भेक (toad) और छिपकली की आंतों में पाए जाने वाले एक खास बैक्टीरिया की पहचान की है, जो इंसानों में होने वाले खतरनाक कोलोरेक्टल कैंसर को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज भविष्य में कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी से भी ज्यादा सुरक्षित और असरदार इलाज का रास्ता हो सकती है.

    क्या कहती है रिसर्च
    यह रिसर्च जापान की नागोया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है और इसे करीब 7 दिन पहले प्रकाशित किया गया. शोधकर्ताओं ने एक बैक्टीरिया की पहचान की है, जिसका नाम Ewingella americana है. यह बैक्टीरिया आमतौर पर मेंढक और छिपकली जैसे जीवों की पाचन प्रणाली में पाया जाता है. पहले इसे एक सामान्य और नुकसान रहित बैक्टीरिया माना जाता था, लेकिन अब यह कैंसर के खिलाफ एक शक्तिशाली हथियार बनकर उभरा है.

    रिसर्च टीम ने जापानी ट्री फ्रॉग, जापानी फायर-बेली न्यूट और जापानी ग्रास लिजर्ड की आंतों से कुल 45 अलग-अलग बैक्टीरियल स्ट्रेन अलग किए. इनमें से 9 स्ट्रेन में कैंसर विरोधी गुण पाए गए, लेकिन Ewingella americana सबसे ज्यादा प्रभावी साबित हुआ.

    क्या कमाल किया इस बैक्टीरिया ने?

        सिर्फ एक डोज देने पर चूहों के ट्यूमर पूरी तरह गायब हो गए.
        30 दिन बाद फिर कैंसर सेल डाले गए, तो भी अगले एक महीने में ट्यूमर नहीं बने.

    यह बैक्टीरिया दो तरीकों से काम करता है…

        सीधे ट्यूमर पर हमला करता है.

        शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है – टी सेल, बी सेल और न्यूट्रोफिल्स को सक्रिय करता है.

        ट्यूमर में ऑक्सीजन कम होती है, जहां कीमोथेरेपी दवाएं कम असर करती हैं. 

    लेकिन यह बैक्टीरिया ऐसे कम ऑक्सीजन वाले माहौल में भी अच्छा काम करता है.

    सुरक्षा और तुलना

        चूहों में यह बैक्टीरिया जल्दी खून से साफ हो गया.
        मौजूदा कीमो दवा डॉक्सोरूबिसिन से ज्यादा प्रभावी साबित हुआ.
        कोई लंबे समय का नुकसान नहीं हुआ, स्वस्थ अंगों पर भी असर नहीं पड़ा.
        वैज्ञानिकों ने कहा कि यह बैक्टीरिया क्लिनिकल ट्रायल के लिए एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है.

    अभी शुरुआत है

    यह खोज अभी सिर्फ चूहों पर हुई है. इंसानों पर काम करेगी या नहीं, इसके लिए और बहुत परीक्षण जरूरी हैं. वैज्ञानिक अब इसे अन्य प्रकार के कैंसर पर आजमाना चाहते हैं. दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर देखना चाहते हैं और बेहतर तरीके से दवा पहुंचाने के तरीके ढूंढ रहे हैं.

    सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल है, क्योंकि Ewingella americana इंसानों में संक्रमण भी पैदा कर सकता है. इसलिए क्लिनिकल ट्रायल में बहुत सावधानी बरतनी होगी. फिलहाल ब्लैडर कैंसर के इलाज में एक बैक्टीरिया थेरेपी पहले से इस्तेमाल हो रही है. मेंढक जैसे जीव भविष्य में कैंसर की नई दवाएं दे सकते हैं.

    वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रकृति की जैव विविधता में अभी बहुत सारी छिपी दवाएं हैं. हमें इसे बचाना होगा ताकि नई दवाएं मिलती रहें. यह शोध 'Gut Microbes' जर्नल में प्रकाशित हुआ है. यह खोज कैंसर के मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगाती है.

    कैसे काम करता है यह बैक्टीरिया?
    लैब में किए गए परीक्षणों के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि यह बैक्टीरिया सीधे कैंसर ट्यूमर पर हमला करता है. यह ट्यूमर के अंदर घुसकर शरीर की इम्यून सिस्टम को उसी जगह सक्रिय कर देता है. इसके बाद शरीर की T-Cells कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर उन पर हमला करती हैं और उन्हें खत्म करने लगती हैं. इस प्रक्रिया से न सिर्फ ट्यूमर की बढ़त रुकती है, बल्कि समय के साथ उसका आकार भी छोटा होने लगता है. यानी शरीर खुद ही कैंसर से लड़ने लगता है.

    क्या कीमोथेरेपी से मिलेगी राहत?
    आज के समय में कीमोथेरेपी कैंसर का सबसे आम इलाज है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स बेहद दर्दनाक होते हैं. बालों का झड़ना, कमजोरी, उल्टी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं मरीजों की जिंदगी को मुश्किल बना देती हैं. अगर यह जापानी रिसर्च आगे के क्लिनिकल ट्रायल्स में सफल रहती है, तो भविष्य में बैक्टीरियल थेरेपी एक नया और सुरक्षित विकल्प बन सकती है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब तक के परीक्षणों में इस बैक्टीरिया के गंभीर साइड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं.

    वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में इस बैक्टीरिया पर और रिसर्च की जाएगी. भविष्य में इसे ब्रेस्ट कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर जैसे अन्य गंभीर कैंसर के इलाज में भी आजमाया जा सकता है. 

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Featured Tree Frog Cancer
    Admin

    Related Posts

    चैत्र नवरात्रि की शुरुआत: घटस्थापना का मुहूर्त कल सुबह, समय नोट कर लें

    March 18, 2026

    विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    March 18, 2026

    पसंदीदा सीट के लिए अब नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क, एयरलाइंस ने बदला नियम

    March 18, 2026

    मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात

    March 18, 2026

    ट्रंप ने पलटी मारी, अमेरिका ने होर्मुज पर ईरानी मिसाइल भंडार पर गिराया भारी बम

    March 18, 2026

    मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    March 18, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    चैत्र नवरात्रि की शुरुआत: घटस्थापना का मुहूर्त कल सुबह, समय नोट कर लें

    March 18, 2026

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का लिया जायजा

    March 18, 2026

    कांग्रेस को असम चुनाव से पहले मिला तगड़ा झटका, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने छोड़ा पार्टी

    March 18, 2026

    Raipur Tragedy: जहरीली गैस से गई 3 सफाईकर्मियों की जान, घटना के बाद मचा बवाल

    March 18, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.