Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»देश»किसानों की मेहनत से भारत ने बनाई नई ऊंचाई, चीन भी रह गया पीछे, जानें क्यों है यह बड़ी खबर
    देश

    किसानों की मेहनत से भारत ने बनाई नई ऊंचाई, चीन भी रह गया पीछे, जानें क्यों है यह बड़ी खबर

    AdminBy AdminJanuary 2, 2026No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    किसानों की मेहनत से भारत ने बनाई नई ऊंचाई, चीन भी रह गया पीछे, जानें क्यों है यह बड़ी खबर
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली 

    नए साल की शुरुआत इससे बेहतर नहीं हो सकती. जब हम और आप जश्न में डूबे हैं, तभी भारत के खेतों से एक ऐसी खबर आई है, जिसने हर हिंदुस्तान का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है. यह खबर सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वाभिमान, संघर्ष और जीत की एक महागाथा है. भारत अब चावल उत्पादन में चीन को पछाड़कर दुनिया का नंबर 1 देश बन गया है. जी हां, वही चीन जो अब तक कृषि और मैन्‍यूफैक्‍चर‍िंग में दुनिया का सिरमौर माना जाता था, उसे हमारे अन्नदाताओं ने अपनी मेहनत के दम पर पीछे छोड़ दिया है. खुद कृष‍ि मंत्री श‍िवराज सिंह चौहान ने यह खुशखबरी शेयर की है. यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक और भावुक करने वाली है क्योंकि एक वक्त था जब भारत अपनी आबादी का पेट भरने के लिए अमेरिका के जहाजों का इंतजार करता था, और आज वही भारत दुनिया के कुल चावल उत्पादन का 28 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अपने खेतों में उगा रहा है.

    आज की युवा पीढ़ी शायद उस दर्द को महसूस न कर पाए, लेकिन हमारे बुजुर्गों की आंखों में वो मंजर आज भी तैरता है. 1960 के दशक की बात है. भारत आजाद तो हो गया था, लेकिन हमारे पास अपने लोगों को खिलाने के लिए पर्याप्त अनाज नहीं था. अकाल और सूखे ने देश की कमर तोड़ दी थी. हालत यह थी कि भारत को अमेरिका के साथ PL-480 समझौते के तहत अनाज मांगना पड़ता था. अमेरिका से जो गेहूं आता था, वह लाल रंग का होता था और अक्सर उसकी गुणवत्ता इतनी खराब होती थी कि उसे वहां जानवरों को खिलाया जाता था. लेकिन भूख से जूझ रहे भारत के पास कोई विकल्प नहीं था. इसे ‘शिप टू माउथ’की स्थिति कहा जाता था यानी जब जहाज बंदरगाह पर आएगा, तभी देश के लोगों के मुंह तक निवाला पहुंचेगा. तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश की नाजुक हालत को देखते हुए देशवासियों से सप्ताह में एक दिन उपवास रखने की अपील की थी. वह भारत की बेबसी का दौर था. दुनिया के कई देशों को लगता था कि भारत कभी अपनी भूख नहीं मिटा पाएगा और बिखर जाएगा.

    2026 का भारत… अब हम दुनिया को खिलाते हैं

    अब उस ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर को हटाकर आज के रंगीन और समृद्ध भारत को देखिए. आज वही भारत, किसी के आगे हाथ नहीं फैलाता, बल्कि दुनिया का पेट भरता है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्‍स पर ल‍िखा, अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है कि भारत ने चावल उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. चीन को पीछे छोड़ते हुए भारत चावल उत्पादन में विश्व का सबसे अग्रणी देश बना है. सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि आज दुनिया में चावल की जितनी खेती होती है, उसका 28 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले भारत का है. यानी दुनिया की हर चौथी चावल की थाली में भारतीय चावल की महक है.

    चीन को पछाड़ना क्यों है बड़ी बात?

    चीन, दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश होने के साथ-साथ कृषि तकनीकों में भी काफी आगे रहा है. दशकों से चावल उत्पादन में चीन का दबदबा था. चीन के पास हाइब्रिड चावल की उन्नत तकनीक और प्रति हेक्टेयर ज्यादा उपज की क्षमता थी. ऐसे में, भारत का चीन से आगे निकलना यह साबित करता है कि अब हम तकनीक और उत्पादन क्षमता में महाशक्तियों को टक्कर दे रहे हैं. यह भारत की फूड स‍िक्‍योरिटी के साथ-साथ खाद्य आत्‍मनिर्भरता की जीत है. अब हमें अपनी शर्तों पर दुनिया से व्यापार करने की ताकत मिल गई है.

    यह चमत्कार हुआ कैसे?

        ‘शिप टू माउथ’ से ‘वर्ल्ड लीडर’ बनने तक का यह सफर आसान नहीं था. इसके पीछे कई दशकों का संघर्ष और मौजूदा सरकार की रणनीतियां शामिल हैं. कृषि मंत्री ने इस सफलता का श्रेय तीन प्रमुख स्तंभों को दिया है. सबसे बड़ा श्रेय हमारे किसान भाइयों और बहनों को जाता है. चाहे पंजाब-हरियाणा के खेत हों, या दक्षिण भारत के धान के कटोरे, या फिर पूर्वी भारत के उपजाऊ मैदान, किसानों ने सर्दी, गर्मी और बरसात की परवाह किए बिना खेतों में सोना उगाया है. मंत्री ने इसे अन्नदाताओं के अथक परिश्रम का परिणाम बताया.

        अब खेती केवल परंपरा नहीं, साइंस बन गई है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों ने चावल की ऐसी किस्में विकसित कीं जो कम पानी में ज्यादा उपज देती हैं, और जो बीमारियों से लड़ सकती हैं. उन्नत वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों ने उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई.

        सरकार की नीतियों ने उत्प्रेरक का काम किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘बीज से बाजार तक’ की रणनीति अपनाई गई. स्‍वॉयल हेल्‍थ कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, और एमएसपी (MSP) में लगातार वृद्धि ने किसानों को सुरक्षा और प्रोत्साहन दिया. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम मोदी के सतत प्रयासों के आज “ठोस और सकारात्मक परिणाम” दिख रहे हैं.

    विश्व पटल पर भारत की धमक
    भारत पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है. वैश्विक चावल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 40% से अधिक है. अब उत्पादन में नंबर 1 बनने के बाद, दुनिया के कई देश अपनी खाद्य सुरक्षा के लिए भारत पर निर्भर होंगे. भारत का बासमती चावल खाड़ी देशों से लेकर अमेरिका और यूरोप तक अमीरों की पहली पसंद है. यह भारत की सॉफ्ट पावर है. जब दुनिया में कोरोना का संकट आया या युद्ध के कारण सप्लाई चेन टूटी, तब भारत ने कई गरीब देशों को अनाज भेजा. अब नंबर 1 बनकर भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज और सहारा बनकर उभरेगा.

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    farmers Featured
    Admin

    Related Posts

    ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन में CM मोहन यादव होंगे शामिल, बहनों को मिलेगा 1836 करोड़

    March 13, 2026

    मोजतबा खामेनेई कोमा में और पैर कटने की अफवाह, वेस्टर्न मीडिया में सनसनी

    March 13, 2026

    प्रदेश में घरेलू गैस की कमी नहीं, सप्लाई लगातार जारी रहेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    March 13, 2026

    गैस सिलेंडर आपूर्ति व्यवस्था पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों के साथ की अहम बैठक

    March 13, 2026

    मंत्री देवांगन के विभागों के लिए 1823 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें विधानसभा में पारित

    March 13, 2026

    सेंट्रल फोर्स की भर्ती संकट: 93 हजार पद खाली, CRPF में 27 हजार, इस्तीफों में 86% का उछाल

    March 13, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    सोना-चांदी के दाम गिरे, अचानक सस्ती हुई धातुएँ, बाजार में दिखी उत्सुकता

    March 13, 2026

    प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा: 1000 करोड़ की अनुदान मांगें पास, 8 लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव मिले

    March 13, 2026

    ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन में CM मोहन यादव होंगे शामिल, बहनों को मिलेगा 1836 करोड़

    March 13, 2026

    मोजतबा खामेनेई कोमा में और पैर कटने की अफवाह, वेस्टर्न मीडिया में सनसनी

    March 13, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.