Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»व्यापार»कैसे Gen Z भारत में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बीमा जगत को नया रूप दे रही है
    व्यापार

    कैसे Gen Z भारत में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बीमा जगत को नया रूप दे रही है

    AdminBy AdminJanuary 15, 2026No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    कैसे Gen Z भारत में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बीमा जगत को नया रूप दे रही है
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email
    • भारत में टेक्नोलॉजी को पसंद करने वाली Gen Z कैसे बीमा जगत को नया रूप दे रही है
    • आभार: जैक्सन जैकब, चीफ़ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर, ज़ूनो जनरल इंश्योरेंस

    नई दिल्ली

    भारत में टेक्नोलॉजी को पसंद करने वाले Gen Z युवाओं की संख्या है। 30 वर्ष से कम उम्र की आधी से अधिक आबादी वाली यह पीढ़ी सामाजिक रूप से जागरूक और आर्थिक रूप से बेहद समझदार है जो हर उद्योग के साथ-साथ बीमा क्षेत्र में भी बदलाव ला रही है। तो सवाल यह है कि क्या बीमा क्षेत्र इस पीढ़ी की तेज़ रफ्तार, हर चीज में आसानी और कारगर सेवाओं की उम्मीदों पर खरा उतर पाएगा?
    उपभोक्ताओं की उम्मीदों को नया रूप देने वाली Gen Z
    उपयोग-आधारित बीमा, वियरेबल्स को इसमें शामिल करने तथा मॉड्यूलर प्लान अब कोई नई बात नहीं रह गए हैं। ये लोगों की बदलती उम्मीदों को पूरा करने के लिए जरूरी साधन बन चुके हैं।

    भारत में Gen Z के युवा तो ज़्यादातर ऑनलाइन रहते हैं। हाल के ट्रेंड्स बताते हैं कि, 64% आबादी जानकारी के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करती है, जबकि 63% लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। लेकिन बात सिर्फ डिजिटल आदतों की नहीं है, बल्कि इसमें बुनियादी सोच भी मायने रखती है। Gen Z के 80% से ज़्यादा युवा ऐसे ब्रांड्स के साथ जुड़ना पसंद करते हैं जो किसी सामाजिक उद्देश्य से जुड़े हों, वहीं 88% युवा मूल्य को अहमियत देते हुए हर लेनदेन में पारदर्शिता और सही कीमत की उम्मीद रखते हैं।

    इस पीढ़ी के युवाओं को ऐसी सेवाएं चाहिए जो उनके फोन पर उपलब्ध हो, उनकी जरूरतों के हिसाब से बनी हो और उनके लाइफस्टाइल में आसानी से फिट हो। लिहाजा, अब इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स का मतलब सिर्फ कवरेज नहीं रह गया है बल्कि उसमें एक नेक इरादे, बदलाव के हिसाब से ढलने की क्षमता और सादगी का होना भी जरूरी है।

    एक संरचनात्मक चुनौती: बाजार में कम पैठ और पुरानी व्यवस्था    
    भारत में तेजी से हो रहे डिजिटल बदलाव के बावजूद, बीमा की पहुँच अब भी काफी कम है— जो जीडीपी का लगभग 4% है, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसका वास्तविक उपयोग घटकर 3.7% रह गया। डिस्ट्रीब्यूशन के पुराने तरीके और प्रोडक्ट्स को जरूरत के हिसाब से नहीं ढाल पाना, इस दिशा में सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है। बहुत लंबी-चौड़ी कागजी कार्रवाई और 'सबके लिए एक जैसे' प्लान की उपलब्धता असल में उन युवाओं को पसंद नहीं आतीं, जो आसान, टेक्नोलॉजी पर आधारित और अपनी जरूरत के हिसाब से बनी सेवाओं की उम्मीद करते हैं।

    वैसे तो इस इंडस्ट्री में बदलाव हो रहा है, लोगों की जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट्स बनाए जा रहे हैं, डिजिटल माध्यमों को अपनाया जा रहा और कागजी कार्रवाई कम हो गई है, फिर भी डिजिटल तकनीक को पसंद करने वाले आज के ग्राहकों की उम्मीद पर पूरी तरह खरा उतरने के लिए अभी भी काफी काम करना बाकी है।

    एक नए इंश्योरेंस मॉडल का निर्माण: डिजिटल तकनीक, जरूरतों के अनुरूप और सबको शामिल करने वाला
    भारत में बीमा क्षेत्र का नियामक निकाय, IRDAI अब एक पूरी तरह डिजिटल साधनों पर आधारित इंश्योरेंस इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। ई-केवाईसी, डिजिटल पॉलिसी जारी करने और आने वाले बीमा सुगम प्लेटफॉर्म जैसे कदम नए बदलावों का रास्ता खोल रहे हैं। आने वाला समय डेटा पर आधारित उन लचीली पॉलिसियों का है, जो ग्राहकों की आदतों, लाइफ़स्टाइल के विकल्पों और वास्तविक समय के जोखिमों के हिसाब से बदल सकती हैं।
    बीमा कंपनियों को अब क्या करना चाहिए: Gen Z ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने का ब्लूप्रिंट
    हमेशा उपयोगी और भरोसेमंद बने रहने के लिए, बीमा कंपनियों को सिर्फ बिक्री के बजाय समाधान उपलब्ध कराने पर ध्यान देना होगा। इस बदलाव का स्वरूप कुछ इस प्रकार होना चाहिए:

    मोबाइल पर केंद्रित इकोसिस्टम: ऐसे आसान और शुरू से अंत तक की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म, जहाँ ग्राहक प्लान्स की तुलना करने, तुरंत दावा करने, पॉलिसी रिन्यू करने और एआई सहायता जय सिंह सेवाओं का लाभ उठा सकें। इस तरह हर कदम पर आने वाली परेशानी दूर हो जाती है।
    मॉड्यूलर, व्यवहार पर आधारित प्रोडक्ट्स: असल जिंदगी की जरूरतों के हिसाब से फ्लेक्सिबल प्लान पेश करना— जैसे सिर्फ़ वीकेंड के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस, पे-हाऊ-यु-ड्राइव वाहन बीमा, या फ्रीलांसरों और कामगारों की जरूरतों के लिए खास हेल्थ राइडर्स।
    वियरेबल्स के ज़रिए स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल करना: फिटनेस डेटा के आधार पर प्रीमियम तय करना, रिवॉर्ड देना और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रोत्साहित करना, जिससे पॉलिसी जारी करने के बाद भी ग्राहकों से लगातार जुड़ाव बना रहे।
    विश्वसनीय संचार: सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और पीयर रिव्यू के ज़रिए Gen Z से जुड़ना। पॉलिसी के नियमों और शर्तों को पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी बनाना।
    गेम्स के ज़रिए वित्तीय समझ को बढ़ावा: उपयोगकर्ताओं को ऐसे आकर्षक टूल्स उपलब्ध कराना, जो बीमा से संबंधित मुश्किल बातों को समझना आसान बनाएं और उन्हें भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए प्रेरित करें।
    भरोसा, उपयोगिता और आगे की राह
    जागरूकता और भरोसे की कमी आज भी एक बड़ी चुनौती है। Gen Z के ज्यादातर युवा तो बीमा को मुसीबत के वक्त का सहारा भर मानते हैं, लंबे समय का साथी नहीं। वे धीरे-धीरे नौकरीपेशा बन रहे हैं और आर्थिक रूप से आजाद हो रहे हैं, लिहाजा बीमा के साथ उनका पहला अनुभव ही आने वाले कई दशकों तक उनकी सोच पर हावी रहेगा। इस भरोसे को दोबारा जीतने के लिए, कंपनियों को केवल न सिर्फ़ "संकट के अंतर" को खत्म करना होगा, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बीमा की भूमिका के बारे में भी फिर से सोचना होगा। इसके लिए डेटा का नैतिक तरीके से इस्तेमाल, सरकारी नियमों का पालन, तथा एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से हर व्यक्ति तक पहुंच बनाना शामिल है, ताकि हर किसी को उसकी जरूरत के हिसाब से तुरंत सेवाएं मिल सके।
    एक सामूहिक दायित्व
    यह बेहद अहम पड़ाव है। बीमा क्षेत्र को Gen Z की ज़रूरतों के हिसाब से ढलना होगा और एक मजबूत भविष्य के लिए जल्द और स्पष्ट विजन के साथ काम करना होगा, ताकि वे अधिक समावेशी, आधुनिक और मजबूत बन सकें।
    भारत में बीमा का भविष्य पुरानी पॉलिसीज़ से नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की उम्मीदों से तय होगा। अब निर्णायक और आपसी सहयोग के साथ बदलाव लाने का समय आ गया है।

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    insurance
    Admin

    Related Posts

    सपा की रणनीति: 15 मार्च को सभी जिलों में कांशीराम जयंती मनाकर दलित वोटों को साधेगी पार्टी

    March 4, 2026

    यूपी चुनाव 2027 की जंग शुरू, BJP vs सपा—किसका प्लान पड़ेगा भारी?

    March 4, 2026

    राज्यसभा चुनाव की तैयारी तेज: महाराष्ट्र में 7 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूल

    March 4, 2026

    मिडिल ईस्ट तनाव से घिरा, क्या युद्ध या संकट के समय इंश्योरेंस कंपनियों से मिलेगा क्लेम? जानें शर्तें

    March 4, 2026

    मिडिल ईस्ट तनाव के बीच राहत, भारी तेजी के बाद थमा कच्चे तेल का रुख

    March 3, 2026

    राज्यसभा रेस में नितिन नवीन, बंगाल पर फोकस बढ़ा; BJP ने जारी की 8 कैंडिडेट की लिस्ट

    March 3, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    WhatsApp अब नहीं रहेगा फ्री! इन 3 फीचर्स के लिए लगेंगे रुपये

    March 4, 2026

    जल संरक्षण के साथ ही ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम

    March 4, 2026

    225 करोड़ की बड़ी मंजूरी: MP जिले में बनेंगी 254 नई सड़कें

    March 4, 2026

    बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी जांच लेट, 90 लाख उत्तरपुस्तिकाएं अटकीं – सामने आया कारण

    March 4, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.