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    Home»राज्य»बेटियों के साथ खिलवाड़ सहन नहीं: योगी आदित्यनाथ
    राज्य

    बेटियों के साथ खिलवाड़ सहन नहीं: योगी आदित्यनाथ

    AdminBy AdminJanuary 22, 2026No Comments10 Mins Read
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    बेटियों के साथ खिलवाड़ सहन नहीं: योगी आदित्यनाथ
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    एक योगी, संत या संन्यासी के लिए राष्ट्र व धर्म से बढ़कर कुछ नहीं होता

    धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर कर रहे कई कालनेमि, सावधान रहने की जरूरत

     

    कहा, अगले एक हजार साल तक पूरे विश्व में बजेगा भारत और सनातन धर्म का डंका

    एक दिन में जितने श्रद्धालु हमारे यहां आस्था की डुबकी लगाते हैं, उतनी कई देशों की जनसंख्या भी नहीं

    धार्मिक, आध्यात्मिक व राजनीतिक नेतृत्व ऐसे हाथों में होना चाहिए, जो देश को नई दिशा दे सकें

    सनातन–राष्ट्र–समाज को बताया एक-दूसरे का पूरक, नौजवान पीढ़ी को खराब करना चाहते हैं भारत के दुश्मन

    सोनीपत/लखनऊ,

    गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण तथा राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों में लिप्त तत्वों को सख्त चेतावनी दी कि हमारी बेटियों के साथ किसी तरह का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों के प्रति समाज को जागरूक रहना होगा तथा इनका प्रतिकार करने के लिए पूज्य साधु-संतों को भी आगे आना होगा। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत जिले में मुरथल स्थित बाबा नागे वाला धाम में आयोजित नाथ संप्रदाय के मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं आठ मान के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
    सीएम ने यह भी कहा कि कई कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को हानि पहुंचा रहे हैं, इनसे भी सतर्क रहना होगा। एक योगी के लिए, एक संत के लिए, एक सन्यासी के लिए, धर्म व राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। यही उसके जीवन का ध्येय होना चाहिए। उसकी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी कुछ नही होती। धर्म ही उसकी प्रॉपर्टी है, राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। अगर कोई राष्ट्रीय स्वाभिमान को चुनौती देता है तो हमें खुलकर उसके सामने आकर खड़े हो जाना चाहिए। ऐसे बहुत कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साज़िश रच रहे होंगे,  हमें उनसे सतर्क रहना होगा।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अवैध धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही डेमोग्राफी बदलने की जो साजिश हो रही है, लव जिहाद के नाम पर हमारी बेटियों के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है। हम उसे रोकेंगे, पूरी शक्ति से रोकेंगे, जागरूकता से रोकेंगे। समाज के जागरूक लोगों और पूज्य संतों को भी इसके लिए आगे बढ़ना होगा। परिवारों को सुसंस्कृत किया जाएगा। सीएम ने कहा कि याद करिए, वर्ष 2009 में केरल के माननीय उच्च न्यायालय ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ केरल जैसे राज्य को इस्लामी राज्य बनाने की साजिश का हिस्सा है। आज जब मैं देखता हूं तो तमाम राज्यों में बड़े पैमाने पर ये षड्यंत्र हो रहे हैं। हमारी संयुक्त परिवारों की परंपरा पहले संस्कारित होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह परंपरा विखंडित होती दिखाई दे रही है। इसे पुनः जीवित करने की आवश्यकता है।
    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवार, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा। धर्म केवल उपासना विधि नहीं, बल्कि अभ्युदय और उत्थान का मार्ग है, जिसमें भौतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास साथ-साथ चलते हैं। धर्मों के संरक्षण के प्रति हमें जागृत होना पड़ेगा। उनकी पवित्रता, मर्यादा को बनाए रखना होगा। सनातन धर्म व आध्यात्मिक विरासत में नाथ पंथ भारत की प्राचीनतम उपासना विधियों में से एक है। गुरु परंपरा के प्रति गहन श्रद्धा भाव के साथ जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है, जो सचमुच अभिनंदनीय और सराहनीय है। सीएम ने नाथ संप्रदाय और योगी सभा की ओर से उपस्थित सभी पूज्य संतों, योगियों एवं श्रद्धालु जनों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि नाथ परंपरा ने सदैव समाज को जोड़ने, साथ लेकर आगे बढ़ने और जीवन को सार्थक ढंग से जीने की प्रेरणा दी है। यही कारण है कि वृहत्तर भारत में उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक सिद्ध महंतों और योगियों की एक लंबी श्रृंखला दिखाई देती है। उनके मठ, मंदिर और धर्मस्थल सनातन धर्म के मूल्यों के प्रति नाथ पंथ की प्रतिबद्धता को प्रस्तुत करते हैं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को साकार होते हुए देख रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि लगभग एक हजार वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं का सामना करते हुए गुलामी की जंजीरों को तोड़कर भारत पुनः अपने वैभव की ओर अग्रसर है। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया, जब लोगों को लगने लगा था कि गुलामी हमारी नियति बन गई है, लेकिन भारत की चेतना ने अंगड़ाई ली और देश फिर उठ खड़ा हुआ। आजादी के अमृत काल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है, उसमें भारत और सनातन धर्म का कल्याण एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। दोनों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। सनातन धर्म मजबूत होगा तो विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग भी सुदृढ़ होगा। इसलिए भारत का सशक्त होना भी आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक, आध्यात्मिक या राजनीतिक नेतृत्व ऐसे हाथों में होना चाहिए, जो देश को नई दिशा दे सकें और विकास की उन ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें, जहां भारत डेढ़-दो हजार वर्ष पहले था। बीते 11 वर्षों में भारत ने एक शानदार यात्रा की है। कभी किसी ने कल्पना की थी कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा?  संघर्ष तो था, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण आज डबल इंजन की सरकार डबल ताकत और डबल स्पीड के साथ परिणाम दे रही है। गुलामी के ढांचे टूटे, अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और आज सनातन धर्म की ध्वजा पूरे वैभव के साथ फहरा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ धाम का कायाकल्प भी इसका जीवंत उदाहरण है। पहले दस श्रद्धालुओं का एक साथ दर्शन कर पाना कठिन था, आज 50 हजार श्रद्धालु एक साथ और प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या धाम में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। कहीं कोई भय नहीं,  कोई अफरा-तफरी नहीं। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। दुनिया के कई देशों की आबादी इतनी नहीं है, जितनी संख्या में हमारे यहां एक दिन में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। 8वीं शताब्दी से लेकर 19वीं सदी तक भारत ने गुलामी और आक्रांताओं को झेला। अब अगले हजार वर्ष भारत के हैं। सनातन धर्म को परम वैभव तक ले जाने का यह कालखंड है। इसके लिए हम सबको मिलकर कार्य करना होगा, आने वाले हजार वर्षों तक दुनिया में भारत और उसके सनातन धर्म का डंका बजेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी विकसित भारत की बात करते हैं, उसे हम सभी को मिलकर पूरा करना होगा। यह तभी साकार होगा जब हरियाणा विकसित होगा,  मुरथल विकसित होगा। बाबा नागे वाला धाम में सिद्ध बाबा की प्रेरणा से इस क्षेत्र में नॉनवेज का सेवन नहीं होता, यह आध्यात्मिक ऊर्जा का उदाहरण है। एक संत के आशीर्वाद से वीरान भूमि आज एक भव्य धाम में परिवर्तित हो गई है। हमें युवा पीढ़ी को भी नशे से बचाना है। देश के दुश्मन हमारी सशक्त सरकार, सेना, अर्धसैनिक व पुलिस बल के आगे बेबस हैं। हमारे जवान दुश्मन को ऐसा मिट्टी में मिलाते हैं कि कब्र की जगह भी नहीं मिल पाती, इसलिए वह सामने से नहीं लड़ना चाहते। दुश्मन चोरी छुपे नशे के जरिये भारत की नौजवान पीढ़ी को खराब करना चाहता है। किसी को कोई अधिकार नहीं है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करे। सीमा पार से आने वाला ड्रग देश के दुश्मनों की साजिश का परिणाम है। कोई उसमें लिप्त है तो लोकल पुलिस को अवगत कराएं। समाज को और उसके परिवार को अवगत कराया जाए। इसके खिलाफ समाज संगठित होकर उसके विरोध में खड़ा हो जाए।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु वहां जाकर संगम में आस्था की डुबकी लगाते हैं। हमारे ऋषि मुनियों ने इसके लिए प्रेरित किया। किसी को क्या अधिकार मिल सकता है कि हमारी देवतुल्य नदियों को प्रदूषित करे। हमें किसी को यह अधिकार नहीं देना चाहिए। हमारा भी दायित्व बनता है कि तालाब है, तो उसका भी संरक्षण करें। तालाब जल संरक्षण का भी काम करता है। जैसे बैंक में जमा किए बिना पैसा नहीं मिलता, वैसे ही जल संरक्षण किए बिना भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। हरियाणा में सरस्वती नदी के पुनर्जीवन के प्रयासों की उन्होंने सराहना की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला, शिव की चेतना और प्रयागराज की समरसता संघर्षों से होकर ही सामने आती हैं। यही सनातन धर्म का भाव है। मां गंगा जब 1000 किलोमीटर की यात्रा तय करती हैं, तब प्रयागराज में आती हैं। पत्थरों और पेड़ों को तोड़कर, उनका मुकाबला करते हुए प्रयागराज पहुंचती हैं। मां यमुना प्रयागराज पहुंचती हैं। मां सरस्वती के साथ जब तीनों का संगम होता है, तब त्रिवेणी बनती है और एक पवित्र धाम का निर्माण होता है। तब लोग उचित मुहूर्त देखकर आस्था की डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य महसूस करते हैं। यही तो सनातन धर्म है, यही सनातन धर्म का भाव है। पूरा देश अगर अयोध्या आ रहा है, तो इसलिए कि अयोध्या धाम में आज भी प्रभु श्रीराम की मर्यादा का स्मरण होता है।

    उन्होंने कहा कि याद करिए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रामलला की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न कराया था। इससे पहले 2020 में राम मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। तब से अब तक 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम आ चुके हैं। श्रद्धालुओं की कमी नहीं,  कमी हमारे प्रयासों में नहीं होनी चाहिए। हर मंदिर को एक धाम के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवन एवं आरती की। भगवान गोरक्षनाथ की प्रतिमा भेंटकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने आयोजन के संरक्षक बाबा मत्स्य नाथ धाम के श्री महंत योगी बालकनाथ महाराज, संयोजक व आयोजक बाबा नागेवाले धाम के श्री महंत बालयोगी मसारनाथ जी महाराज को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में हरियाणा के जनप्रतिनिधियों, संत समाज और देशभर से आए श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति रही। भंडारे में संतों ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखते ही लोग उत्साहित होकर नारे लगाने लगे।

    समारोह में ये संत रहे मौजूद
    बाबा नागे वाला धाम में सिद्ध योगी श्री श्री 1008  महंत काले बाबा नाथ जी, योगी बजीरनाथ जी और योगी प्रेम नाथ जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा एवं आठ मान भंडारा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नाथ सम्प्रदाय के संत उपस्थति रहे। इनमें प्रमुख रूप से योगी महासभा के महामंत्री श्री महंत चैताईनाथ, रमतो के 12 के श्री महंत बाबा कृष्णनाथ, 18 के श्री महंत बाबा समुद्रनाथ, पिहोवा गरीबनाथ मठ के श्री महंत पीर शेरनाथ, कोथ कलां हिसार के श्री महंत पीर जटाईनाथ, उजाना के श्री महंत पीर राजनाथ, राइसन के श्री महंत पीर लहरनाथ, हीरो कलां के श्री महंत पीर पूर्णनाथ, धनौरी के श्री महंत पीर हरिनाथ, सांगल के श्री महंत पीर शेरनाथ प्रमुख थे।

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