Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»विदेश»बलूचिस्तान में नई तस्वीर: हथियार थामे महिलाओं की एंट्री, पाकिस्तान के लिए बढ़ी चुनौती
    विदेश

    बलूचिस्तान में नई तस्वीर: हथियार थामे महिलाओं की एंट्री, पाकिस्तान के लिए बढ़ी चुनौती

    AdminBy AdminFebruary 3, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    बलूचिस्तान में नई तस्वीर: हथियार थामे महिलाओं की एंट्री, पाकिस्तान के लिए बढ़ी चुनौती
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    बलूचिस्तान
    पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच विद्रोहियों के हमलों ने सरकार और सेना दोनों की स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। बलूच विद्रोहियों ने बलूचिस्तान के 12 अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा बलों, पुलिस और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हमले किए, जिनमें कम से कम 10 सुरक्षाकर्मी मारे गए। इन घटनाओं से प्रांत में सुरक्षा स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री सरफराज बुगती इन हमलों के बाद सार्वजनिक रूप से बहुत व्यथित नजर आए। इन हमलों के बाद बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा जारी की गई दो हमलावरों की तस्वीरें काफी चर्चा में रहीं। इन तस्वीरों में दोनों हमलावर महिलाएं थीं। यह बात इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि सशस्त्र उग्रवाद को लंबे समय से पुरुष-प्रधान गतिविधि के रूप में देखा जाता रहा है।

    समाज के भीतर गुस्सा
    विश्लेषकों के अनुसार, बलूच प्रतिरोध आंदोलन अब पारंपरिक जनजातीय ढांचे से आगे बढ़कर सामाजिक और रणनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तानी सुरक्षा प्रतिष्ठान की सख्त कार्रवाइयों, जबरन गुमशुदगियों और राजनीतिक संवाद की कमी ने स्थानीय लोगों में असंतोष को और गहरा कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषक आयशा सिद्दीका का मानना है कि किसी विद्रोह में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी उस समाज के भीतर गहरे गुस्से और टूटते सामाजिक ढांचे की ओर इशारा करती है।

    हाल के दिनों में हुए हमलों में कुल 50 नागरिकों और 17 सुरक्षाकर्मियों की मौत के बाद बीएलए ने दो महिला हमलावरों की पहचान जाहिर की। इनमें से एक की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में हुई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी पुष्टि की कि कम से कम दो हमलों में महिला उग्रवादियों की भूमिका रही। बीएलए के अनुसार, आसिफा मेंगल ने जनवरी 2024 में फिदायीन हमले का फैसला किया था और नुश्की में एक हमला अंजाम दिया।

    इसी बीच सोशल मीडिया पर बीएलए से जुड़ी एक महिला लड़ाके का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह हथियारों से लैस होकर सुरक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास गतिविधियां करती दिख रही थी। वीडियो में उसके साथ पुरुष लड़ाके भी नजर आए, जो पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा बलों पर तंज कसते दिखे।

    बलूच महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी
    दरअसल, हाल के वर्षों में बलूच महिलाओं की सशस्त्र संगठनों में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब महिला आत्मघाती हमलावर सामने आई हों। वर्ष 2022 में कराची विश्वविद्यालय के कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के बाहर हुए हमले में पहली बार एक महिला फिदायीन की भूमिका सामने आई थी, जिसमें तीन चीनी नागरिकों सहित चार लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद जून 2022 और मार्च 2025 में भी बलूचिस्तान में महिला उग्रवादियों द्वारा हमलों की घटनाएं दर्ज हुईं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन घटनाओं ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को और जटिल बना दिया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे बलूच आंदोलन का नेतृत्व जनजातीय सरदारों से हटकर शिक्षित मध्यम वर्ग की ओर बढ़ा, वैसे-वैसे महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी। वॉइस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2000 के बाद से 5000 से अधिक लोग लापता हुए हैं, जिनमें ज्यादातर पुरुष हैं। ऐसे में कई परिवारों में महिलाओं ने सामाजिक और राजनीतिक प्रतिरोध की जिम्मेदारी उठाई है।

    रणनीतिक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि महिला उग्रवादियों की बढ़ती भूमिका बलूच समाज में गहरी निराशा और हताशा को दर्शाती है। वहीं, पाकिस्तानी सत्ता के करीबी कुछ विश्लेषक इसे सशक्तिकरण के बजाय संगठित शोषण बताते हैं और आरोप लगाते हैं कि उग्रवादी संगठन युवा महिलाओं को भावनात्मक और वैचारिक दबाव में भर्ती कर रहे हैं।

    पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती
    सुरक्षा आंकड़ों की बात करें तो 2011 के बाद से बलूच उग्रवाद से जुड़े हमलों में पाकिस्तान में कम से कम 350 लोगों की जान जा चुकी है। वर्ष 2024 और 2025 में संघर्ष से जुड़ी मौतों में तेज इजाफा हुआ है, जिससे सुरक्षा बलों पर दबाव और बढ़ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में बलूचिस्तान में उग्रवाद की दिशा और उसमें महिलाओं की बढ़ती भूमिका पाकिस्तान के लिए एक बड़ी रणनीतिक तथा राजनीतिक चुनौती बनती जा रही है।

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Baloch women
    Admin

    Related Posts

    उत्तर कोरिया की मिसाइल लॉन्च, अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से THAAD हटाने का किया ऐलान

    March 14, 2026

    अमेरिकी दूतावास पर बगदाद में हेलीपैड पर मिसाइल और ड्रोन से हमला

    March 14, 2026

    पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में ब्लास्ट, सात पुलिसकर्मी मारे गए

    March 13, 2026

    बांग्लादेश के निर्यात पर अमेरिका की नजर, जांच शुरू होने की रिपोर्ट

    March 13, 2026

    मिड-एयर रिफ्यूलिंग के दौरान अमेरिकी विमान हादसे का शिकार, 4 लोगों की जान गई

    March 13, 2026

    अलविदा जुमा पर तेहरान में ब्लास्ट से दहशत, इजरायल विरोध प्रदर्शन के बीच अफरातफरी

    March 13, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    देवपुर की महिलाओं का अनूठा संकल्प: महतारी वंदन की राशि जोड़कर बनवाया शिव मंदिर

    March 14, 2026

    महिला समूह से संवाद के दौरान गरियाबंद कलेक्टर ने बताई बदलाव की कहानी, बारातियों का दिया उदाहरण

    March 14, 2026

    भोपाल गैस त्रासदी के स्मरणार्थ यूनियन कार्बाइड परिसर में बनेगा मेमोरियल, हाई कोर्ट में सरकार ने किया खुलासा

    March 14, 2026

    प्रधानमंत्री मोदी का बयान, सरकार वैश्विक संघर्षों के प्रभाव को कम करने के लिए कर रही है काम

    March 14, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.