नई दिल्ली
कोई फोन कितना पावरफुल हो सकता है, यह मुझे Realme P4 Power ने बता दिया। जब डिवाइस लॉन्च हुई थी तो सबसे ज्यादा चर्चा इसकी बैटरी की रही। 10001mAh के साथ यह भारत का सबसे बड़ी बैटरी वाला फोन है। मैंने भी इसकी बैटरी को जमकर टेस्ट किया। मेरी टेस्टिंग में यह लगातार 49 घंटे और 44 मिनटों तक टिका रहा। यह मेरे लिए चौंकाने वाला था। आजतक किसी भी स्मार्टफोन की बैटरी मेरे रिव्यू में इतनी देर नहीं चली है। लेकिन फोन खरीदते वक्त क्या सिर्फ बैटरी ही देखी जाए? बाकी मामलों में कैसा है Realme P4 Power, आइए जानते हैं।
कैसे किया बैटरी टेस्ट
Realme P4 Power की बैटरी को टेस्ट करने से पहले मैंने फोन को फुल चार्ज कर लिया था। चार्जिंग में रहते हुए ही मैंने फोन की ब्राइटनैस को 50% पर सेट कर दिया। वॉल्यूम जीरो कर दिया और बैटरी पावर सेविंग मोड को बंद कर दिया। मैंने Youtube पर एक ऑनलाइन वीडियो निकाला जो 100 घंटों का था। उसे मैंने अधिकतम रेजॉलूशन पर सेट किया और ऑनलाइन वीडियो प्ले कर दिया। अब मैं फोन को चार्जिंग से हटा चुका था। मेरे तय किए गए सभी पैरामीटर्स के साथ यूट्यूब वीडियो पूरे दो दिनों तक नॉनस्टॉप चलता रहा। पहले 24 घंटों में बैटरी 47% बच गई थी। कुल मिलाकर फोन 49 घंटे और 44 मिनटों बाद स्विच्ड ऑफ हुआ।
बैटरी कितनी दमदार?
Realme P4 Power की बैटरी पर मुझे जरा भी शक नहीं है। अगर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग में यह फोन दो दिनों से ज्यादा चल सकता है तो निश्चित रूप से डाउनलोडेड वीडियाे के साथ इसकी बैटरी और भी लंबी चलेगी। इसके अलावा मैंने इस बैटरी को रोजाना इस्तेमाल में भी परखा। मैं एक एवरेज यूजर हूं जो दिन में 5 से 6 घंटे मोबाइल पर व्यस्त रहता है। एक बार फुल होने के बाद इसने मुझे ढाई दिन का बैकअप दिया। अगर आप हैवी यूजर हैं यानी गेमिंग वगैरह अधिक करते हैं, तब भी फोन की बैटरी आराम से दो दिन चल जाएगी।
कितनी देर में चार्ज होता है फोन?
यह फोन 80W की अल्ट्रा चार्जिंग को सपोर्ट करता है। मेरी टेस्टिंग के दौरान यह लगभग दो घंटे में फुल चार्ज हुआ। मुझे पर्सनली ऐसा लगता है कि अगर कंपनी सबसे बड़ी बैटरी दे रही है तो उसे चार्जिंग भी सबसे ज्यादा देनी चाहिए थी। तब यह फोन अपनी बैटरी और चार्जिंग पावर से ‘सोने पे सुहागा’ हो जाता।
डिजाइन और डिस्प्ले
यह फोन तीन कलर्स- ट्रांस सिल्वर, ट्रांस ऑरेंज और ट्रांस ब्लू में आता है। फोन का डिजाइन नीचे से क्लीन और डिसेंट और टॉप में जालीदार पैटर्न लिए हुए है। कंपनी ने इसे गेमिंग टच देने की कोशिश की है। 219 ग्राम वजन के साथ मैं इसे बहुत भारी नहीं कहूंगा, क्योंकि इसमें बहुत बड़ी बैटरी है। वजन कंट्रोल करने के लिए कंपनी ने बैक और साइड फ्रेम में प्लास्टिक इस्तेमाल किया है। हालांकि यह सस्ता या चीप टाइप नहीं दिखता है। फोन में 6.7 इंच का एमोलेड डिस्प्ले है। यह फुल एचडी प्लस रेजॉलूशन ऑफर करता है। 144 हर्त्ज रिफ्रेश रेट के साथ यह गेमर्स के लिए भी आइडल चॉइस लगता है। मुझे फोन के डिस्प्ले कलर्स, कॉन्ट्रास्ट और शार्पनेस डिसेंट लगी। फोन में कंटेंट स्ट्रीम करने का अनुभव भी शानदार रहा। मेरी आंखें इसके कलर्स के साथ जल्दी एडजस्ट हो गई थीं।
परफॉर्मेंस
मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7400 अल्ट्रा 5G चिपसेट से पावर्ड मेरी यूनिट में 12GB रैम थी। टेस्टिंग के दौरान इसने मुझे स्मूथ परफॉर्मेंस दी। ऐप्स तेजी से ओपन और बंद हो रहे थे। मल्टीटास्किंग में भी लैग या हैंग जैसी रुकावट नहीं आई। हालांकि बहुत अधिक हैवी गेमिंग पर कुछेक फ्रेम जरूर ड्रॉप हुए, लेकिन इतना तो चलता है। ओवरऑल परफॉर्मेंस में यह फोन निराश नहीं करेगा। डेली काम आप बिना अटके कर पाएंगे। UFS 3.1 के साथ फाइल ट्रांसफर भी स्मूथ होता है।
कैमरा
कैमरा वह पॉइंट है जहां में रियलमी पी4 पावर को ओके-ओके कहूंगा। इसका 50MP का मेन बैक कैमरा डेली यूज में ठीक फोटो लेता है। 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा भी रिजल्ट दे जाता है। 16MP के सेल्फी कैमरे से पसंद आने वाली फोटो क्लिक होती हैं लेकिन कोई वाव फैक्टर इसके कैमरों में नहीं है। टेलीफोटो लेंस या पेरिस्कोप कैमरा जैसी चीजें नहीं हैं। फ्रंट कैमरा में 4K वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिलती, जो मुझे इस फोन की बड़ी कमी लगी। अगर आप कैमरा लवर हैं और अच्छे कैमरा वाला फोन तलाश रहे हैं तो आपको Realme P4 पावर की जगह कुछ और ढूंढना चाहिए।
