Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»व्यापार»पेंटागन डील के बाद OpenAI पर संकट, यूजर्स का ChatGPT अकाउंट डिलीट करने का सिलसिला, Claude AI को मिला फायदा
    व्यापार

    पेंटागन डील के बाद OpenAI पर संकट, यूजर्स का ChatGPT अकाउंट डिलीट करने का सिलसिला, Claude AI को मिला फायदा

    AdminBy AdminMarch 3, 2026No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    पेंटागन डील के बाद OpenAI पर संकट, यूजर्स का ChatGPT अकाउंट डिलीट करने का सिलसिला, Claude AI को मिला फायदा
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली

    दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई चैटबॉट ChatGPT के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल ही में OpenAI द्वारा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के साथ हाथ मिलाने की खबर ने आम यूजर्स को नाराज कर दिया है. लोग इस कदर गुस्से में हैं कि सोशल मीडिया पर डिलीट चैटजीपीटी (#DeleteChatGPT) ट्रेंड करने लगा है. आलम यह है कि लोग न सिर्फ अपने अकाउंट डिलीट कर रहे हैं, बल्कि ऐप स्टोर पर इसे वन-स्टार की रेटिंग भी दे रहे हैं | 
    क्या है पूरा विवाद?

    यह विवाद तब शुरू हुआ, जब OpenAI कंपनी ने अपने नियमों में बदलाव करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के साथ हाथ मिला लिया. इससे पहले ChatGPT सैन्य और युद्ध संबंधी कार्यों के लिए इस्तेमाल न होने की बात कह रहा था. अब पेंटागन के साथ समझौते का मतलब है कि OpenAI की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अमेरिकी सेना अपनी रणनीतियों और साइबर सिक्योरिटी के लिए करेगी. यूजर्स का मानना है कि जो एआई 'मानवता की भलाई' के लिए बनाया गया था, अब उसका इस्तेमाल युद्ध और सैन्य उद्देश्यों के लिए होना इस सिद्धांत के खिलाफ है. इसी डर और नाराजगी के कारण पिछले कुछ दिनों में ChatGPT को डिलीट करने वालों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है | 

    क्या है पूरा मामला?

    Sam Altman ने अपनी पोस्ट में बताया कि OpenAI ने Department of Defense के साथ अपने एग्रीमेंट में कुछ अहम बदलाव किए हैं| 

     उन्होंने बताया की ऐसा इसलिए क्योंकि यह साफ हो सके कि कंपनी के AI सिस्टम का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा| 

    उन्होंने साफ लिखा कि कानून के दायरे में रहते हुए AI का इस्तेमाल किया जाएगा और इसे जानबूझकर डोमेस्टिक सर्विलांस के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा| 

    Altman ने यह भी कहा कि सरकार की तरफ़ से अगर कोई असंवैधानिक आदेश आता है तो वे उसका पालन नहीं करेंगे| 

    उनका कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सबसे ऊपर है और सरकार को फैसले लेने चाहिए, न कि कोई निजी कंपनी दुनिया का भविष्य तय करे. लेकिन विवाद यहीं से शुरू हुआ| 

    गुस्सा क्यों बढ़ा?

    TechCrunch की रिपोर्ट बताती है कि जैसे ही यह खबर फैली कि OpenAI अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ काम कर रही है, बड़ी संख्या में लोगों ने ChatGPT ऐप हटाना शुरू कर दिया|  

    सिर्फ एक दिन में अनइंस्टॉल में 295 प्रतिशत की उछाल दर्ज किया गया . सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाया कि क्या AI अब युद्ध मशीन का हिस्सा बनने जा रहा है| 

    कुछ यूजर्स का कहना है कि AI कंपनियों को सेना से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि अगर AI इतना शक्तिशाली है तो उसे सरकार के साथ जिम्मेदारी से काम करना चाहिए, ताकि गलत हाथों में न जाए| 

    Anthropic का नाम क्यों आया बीच में?

    इस पूरे विवाद में एक और AI कंपनी Anthropic का जिक्र हो रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक Anthropic ने रक्षा विभाग के साथ कुछ शर्तों पर असहमति जताई थी और साफ रुख अपनाया था कि उनकी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मास सर्विलांस या ऑटोनोमस हथियारों में नहीं होना चाहिए| 

    इसके बाद OpenAI ने अपनी डील आगे बढ़ाई. इससे यह बहस और तेज हो गई कि आखिर AI कंपनियां किस दिशा में जा रही हैं. क्या वे सरकार के साथ मिलकर सुरक्षा मजबूत कर रही हैं या एक खतरनाक रास्ते की ओर बढ़ रही हैं?

    Altman ने क्या माना?

    Sam Altman ने अपनी पोस्ट में यह भी स्वीकार किया कि डील को लेकर कम्युनिकेशन बेहतर हो सकता था. उन्होंने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है और इसे जल्दी में सार्वजनिक करना शायद सही तरीका नहीं था| 

    उनका कहना है कि टेक्नोलॉजी अभी कई मामलों में पूरी तरह तैयार नहीं है और सुरक्षा को लेकर बहुत सावधानी जरूरी है| 

    उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में OpenAI सरकार के साथ मिलकर तकनीकी सुरक्षा उपायों और सेफगार्ड पर काम करेगा ताकि AI का गलत इस्तेमाल न हो| 

    यह सब अभी क्यों अहम है?

    दुनिया इस वक्त युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के दौर से गुजर रही है. साइबर हमले, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिसिस और इंटेलिजेंस में AI का रोल तेजी से बढ़ रहा है| 

    ऐसे समय में अगर कोई बड़ी AI कंपनी सीधे रक्षा विभाग के साथ काम करती है तो यह सिर्फ टेक्नोलॉजी की खबर नहीं रहती, यह राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता का मुद्दा बन जाती है| 

    एक तरफ सरकारें कहती हैं कि AI से देश की सुरक्षा मजबूत होगी. दूसरी तरफ नागरिक अधिकार समूह चेतावनी दे रहे हैं कि निगरानी और डेटा कंट्रोल का दायरा खतरनाक रूप ले सकता है| 

    असली सवाल क्या है?

    इस पूरे विवाद का केंद्र एक ही है. AI पर कंट्रोल किसका होगा? सरकार का, निजी कंपनी का या जनता की लोकतांत्रिक निगरानी का?

    Sam Altman का कहना है कि लोकतंत्र को नियंत्रण में रहना चाहिए और AI को लोगों को ताकत देनी चाहिए, उनसे छीननी नहीं चाहिए. लेकिन जनता का एक हिस्सा आश्वस्त नहीं है. अनइनस्टॉल के आंकड़े यही दिखा रहे हैं| 

    आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा हो सकता है, क्योंकि AI अब सिर्फ चैटबॉट नहीं रहा. यह सुरक्षा, युद्ध, साइबर ऑपरेशन और रणनीतिक फैसलों का हिस्सा बन रहा है. ऐसे में हर डील, हर बयान और हर फैसला वैश्विक बहस का विषय बनेगा.

    और यही वजह है कि Pentagon और OpenAI की यह डील सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि AI के भविष्य की दिशा तय करने वाली कहानी बन चुकी है| 

    Sam Altman ने अपने ट्वीट में क्या-क्या साफ किया?

    Sam Altman ने अपने लंबे पोस्ट में सबसे पहले यह कहा कि OpenAI और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच जो एग्रीमेंट हुआ है, उसमें खास भाषा जोड़ी गई है ताकि कंपनी के सिद्धांत बिल्कुल साफ रहें| 

    उन्होंने लिखा कि AI सिस्टम का इस्तेमाल जानबूझकर अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा. उन्होंने अमेरिकी संविधान, फोर्थ अमेंडमेंट और FISA जैसे कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि सब कुछ कानूनी दायरे में ही होगा| 

    प्राइवेसी एडवोकेट्स इसे दिखावा मान रहे हैं 

    Altman ने यह भी साफ किया कि Department of Defense ने यह समझा है कि यह लिमिटेशन सिर्फ कागज पर नहीं है, बल्कि इसका मतलब है कि किसी भी तरह की ट्रैकिंग , सर्विलांस या मॉनिटरिंग के लिए OpenAI की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

    यानी कंपनी यह दिखाना चाहती है कि नागरिकों की प्राइवेसी को लेकर वह पीछे नहीं हटेगी. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है की ये सिर्फ एक दिखावा है ताकि कंपनी से लागों का ट्रस्ट ना टूटे| 

    उन्होंने एक और अहम बात कही. अगर किसी इंटेलिजेंस एजेंसी जैसे NSA को OpenAI की सर्विस चाहिए होगी, तो उसके लिए अलग से कॉन्ट्रैक्ट मॉडिफिकेशन करना पड़ेगा. यानी मौजूदा डील ऑटोमैटिकली सभी एजेंसियों को एक्सेस नहीं देती|  

    Altman ने यह भी माना कि यह फैसला बहुत संवेदनशील है, टेक्नोलॉजी अभी हर चीज के लिए तैयार नहीं है, और कई ट्रेड ऑफ़्स को लेकर अभी पूरी समझ बनना बाकी है. उनके मुताबिक, यह एक सीखने की प्रक्रिया है और आगे भी safeguards को मजबूत किया जाएगा.

    क्या कहता है डेटा?

    मार्केट इंटेलिजेंस फर्म Sensor Tower के अनुसार, शनिवार, 28 फरवरी को अमेरिका में ChatGPT ऐप के अनइंस्टॉल में एक दिन में 295 प्रतिशत की भारी बढ़त हुई. यह पिछले 30 दिनों में ऐप की औसत 9 प्रतिशत की डेली अनइंस्टॉल दर की तुलना में बेहद ज्यादा है. वहीं OpenAI और पेंटागन के बीच हुए समझौते की खबर के बाद ChatGPT के डाउनलोड में अचानक उछाल आया था. लेकिन इसकी घोषणा होते ही डाउनलोड की गति धीमी हो गई. शनिवार को अमेरिका में डाउनलोड में 13 प्रतिशत की गिरावट आई और रविवार को इसमें 5 प्रतिशत की और गिरावट देखी गई. इससे ठीक एक दिन पहले, जब साझेदारी की घोषणा नहीं हुई थी, तब डाउनलोड में 14 प्रतिशत की बढ़त हुई थी| 
    Claude को मिला लोगों का प्यार

    ChatGPT से नाराज यूजर्स अब विकल्प तलाश रहे हैं. इस गुस्से का सबसे बड़ा फायदा OpenAI की प्रतिद्वंद्वी कंपनी Anthropic के एआई मॉडल Claude को मिल रहा है. क्योंकि Anthropic ने ट्रंप प्रशासन के सामने इस तरह की कोई डील करने से मना कर दिया था. जिसके बाद से पिछले एक हफ्ते में Claude के डाउनलोड्स में भारी इजाफा देखा गया है. Claude खुद को अधिक सुरक्षित और नैतिक एआई (Ethical AI) के रूप में पेश करता है, जो फिलहाल किसी भी सैन्य प्रोजेक्ट से दूर रहने का दावा कर रहा है | 
    एलन मस्क का डर हुआ सच?

    दिलचस्प बात यह है कि Elon Musk लंबे समय से चेतावनी दे रहे थे कि OpenAI अपनी राह से भटक रहा है. मस्क ने पहले भी कहा था कि एआई का मिलिट्राइजेशन पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी हो सकता है. अब पेंटागन के साथ इस गठबंधन ने मस्क की उन चिंताओं को सही साबित कर दिया है, जिससे यूजर्स का भरोसा हिल गया है | 
    कैसा होगा आने वाला समय?

    OpenAI का तर्क है कि वे केवल साइबर सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे कामों में पेंटागन की मदद कर रहे हैं, हथियार बनाने में नहीं. लेकिन यूजर्स इसे हथियारों की होड़ की शुरुआत मान रहे हैं. रेटिंग गिरने और यूजर्स कम होने से कंपनी की साख पर गहरा असर पड़ा है. ChatGPT की वन-स्टार रेटिंग केवल एक गुस्सा नहीं, बल्कि एआई की नैतिकता पर एक बड़ा सवाल है | 

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Featured OpenAI
    Admin

    Related Posts

    होली के बाद बड़ी सौगात: Modern Coach Factory (Raebareli) में तैयार 16 डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल तेज

    March 4, 2026

    न्यूक्लियर फ्यूजन का कमाल: आधा टन का चुंबक और अनलिमिटेड बिजली, सूरज जैसी शक्ति अब इंसानों के पास

    March 4, 2026

    आईपीएल 2026 का शेड्यूल जारी: 28 मार्च से शुरुआत, 31 मई को फाइनल

    March 4, 2026

    नई इलेक्ट्रिक हैचबैक से विदेशी कंपनी का धमाका, फीचर्स में होंगे शानदार बदलाव, पंच और टियागो ईवी की टेंशन बढ़ेगी

    March 4, 2026

    WhatsApp अब नहीं रहेगा फ्री! इन 3 फीचर्स के लिए लगेंगे रुपये

    March 4, 2026

    घर के मंदिर में 5 मूर्तियां और सफाई रखने से आती है सकारात्मक ऊर्जा

    March 4, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    IND vs ENG: रोहित-विराट से लेकर बुमराह तक, ये 5 खिलाड़ी इंग्लैंड पर पड़ सकते हैं भारी

    March 4, 2026

    मध्य प्रदेश में 5वीं-8वीं की कॉपी जांच 5 मार्च से, परिणाम की तारीख भी तय

    March 4, 2026

    होली के बाद बड़ी सौगात: Modern Coach Factory (Raebareli) में तैयार 16 डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल तेज

    March 4, 2026

    Hanuman Chalisa Rules: गलत समय पर पाठ करने से हो सकता है नुकसान, जानें सही समय

    March 4, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.