Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»देश»एक्सीडेंट पीड़ितों के लिए बड़ी राहत, ‘PM RAHAT’ में 0 रुपये का बिल और 1.5 लाख तक कवर
    देश

    एक्सीडेंट पीड़ितों के लिए बड़ी राहत, ‘PM RAHAT’ में 0 रुपये का बिल और 1.5 लाख तक कवर

    AdminBy AdminMarch 4, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    एक्सीडेंट पीड़ितों के लिए बड़ी राहत, ‘PM RAHAT’ में 0 रुपये का बिल और 1.5 लाख तक कवर
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली

    PM RAHAT Scheme: सड़क हादसे भारत में हर साल हजारों परिवारों की जिंदगी बदल देते हैं. कई बार हादसा जानलेवा इसलिए बन जाता है, क्योंकि घायल को समय पर अस्पताल नहीं मिल पाता या इलाज से पहले पैसों की बात आ जाती है. इसी बड़ी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने PM RAHAT योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना का मकसद साफ है, सड़क हादसे के शिकार लोगों को बिना किसी देरी और बिना पैसे की चिंता के सही और उचित समय पर इलाज मिल सके. 

    क्या है PM RAHAT योजना
    PM RAHAT यानी रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट स्कीम. इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से 7 दिन तक कैशलेस इलाज (Cashless Treatment) की सुविधा मिलेगी. इलाज पर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का खर्च सरकार की तरफ से कवर किया जाएगा. मरीज की जेब से एक रुपया भी नहीं लिया जाएगा.

    स्वास्थ्य आंकड़े बताते हैं कि, अगर घायल को पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो सड़क हादसों में होने वाली करीब आधी मौतों पर लगाम लगाई जा सकती हैं. इस समय को गोल्डन आवर कहा जाता है. अक्सर अस्पताल में भर्ती होने में देरी इसलिए होती है, क्योंकि पैसे और पेमेंट को लेकर असमंजस रहता है. PM RAHAT योजना इसी समस्या को खत्म करने की कोशिश है.

    योजना में एक और बड़ी दिक्कत को माना गया है. हादसे के बाद आसपास मौजूद लोग कानूनी झंझट के डर से मदद करने से कतराते हैं. PM RAHAT में ऐसे मददगारों को राहवीर या गुड समैरिटन कहा गया है. इसका मतलब है कि जो व्यक्ति घायल की मदद करेगा, उसे कानूनी परेशानियों से डरने की जरूरत नहीं होगी. न उसे किसी कानूनी पचड़े में पड़ना होगा और न ही उसके जेब से पैसे खर्च होंगे.

    112 पर कॉल, सीधे मदद

    हादसे के समय पीड़ित खुद, कोई राहगीर या मौके पर मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 नंबर पर कॉल कर सकता है. इस कॉल के जरिए नजदीकी तय अस्पताल की जानकारी मिलेगी और एंबुलेंस बुलाई जा सकेगी. यह पूरा सिस्टम इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम से जुड़ा है, जिससे पुलिस, एंबुलेंस और अस्पताल आपस में तालमेल से काम कर सकें.

    योजना के तहत सभी तरह की सड़कों पर हादसे में घायल लोग कवर होंगे. चाहे वो किसी भी शहर की कोई भी सड़क होग. अगर चोट गंभीर नहीं है, तो 24 घंटे तक का स्टेबलाइजेशन इलाज मिलेगा. अगर जान को खतरा है, तो यह समय 48 घंटे तक बढ़ जाएगा. दोनों ही हालात में 7 दिन तक का पूरा इलाज कवर रहेगा. पुलिस की पुष्टि तय समय सीमा में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जरूरी होगी.

    डिजिटल सिस्टम से होगा पूरा काम
    PM RAHAT योजना दो मौजूदा सरकारी डिजिटल सिस्टम पर बेस्ड है. एक सिस्टम हादसे की पूरी जानकारी दर्ज करता है और दूसरा इलाज और भुगतान से जुड़ा काम संभालता है. पहला है इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट यानी eDAR, जिसे केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ऑपरेट करता है और दूसरा सिस्टम है ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम TMS 2.0, जिसकी जिम्मेदारी नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के पास है. इन दोनों सिस्टम का मकसद यह है कि एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही पूरी जानकारी एक ही लाइन में आगे बढ़े. 

    हादसे की रिपोर्ट, अस्पताल में भर्ती, इलाज, क्लेम डालना और फिर अस्पताल को पेमेंट, सब कुछ इसी डिजिटल सिस्टम के जरिए किया जाए, ताकि इलाज में देरी न हो और किसी को बार बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. अस्पतालों को इलाज का पैसा मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड से मिलेगा. अगर हादसे में शामिल वाहन का बीमा है, तो पेमेंट बीमा कंपनियों के फंड से होगा. हिट एंड रन या बिना बीमा वाले मामलों में केंद्र सरकार बजट से पैसा देगी. क्लेम मंजूर होने के बाद 10 दिन के भीतर अस्पताल को भुगतान करने का वादा किया गया है.

    अगर योजना से जुड़ी कोई शिकायत होती है, तो उसका निपटारा जिला सड़क सुरक्षा समिति के तहत किया जाएगा. इसकी जिम्मेदारी जिला कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट के स्तर पर होगी. इससे लोगों को अलग से किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

    PM RAHAT योजना में परिवहन, स्वास्थ्य, बीमा और पुलिस विभाग को एक साथ लाया गया है. इसका असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अस्पताल कितनी संख्या में जुड़ते हैं, 112 नंबर कितनी तेजी से काम करता है और पुलिस के कन्फर्मेशन में इलाज में देरी तो नहीं होती. जिला स्तर पर ये प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है और इसे कैसे लागू किया जाता है. आने वाले समय में साफ हो जाएगा कि यह योजना सड़क हादसों में जान बचाने में कितनी कारगर साबित होती है.

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Featured PM RAHAT
    Admin

    Related Posts

    सड़क दुर्घटनाओं में पीएम राहत योजना से मिलेगी डेढ़ लाख तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा, जबलपुर के 92 अस्पताल होंगे शामिल

    March 4, 2026

    अब दिल बोलेगा पहले: एआई तकनीक बताएगी हार्ट अटैक का संकेत समय रहते

    March 4, 2026

    राज्यसभा चुनाव की तैयारी तेज: महाराष्ट्र में 7 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूल

    March 4, 2026

    क्या पुरुष ट्रैफिक पुलिसकर्मी महिलाओं से वाहन जांच नहीं कर सकते?

    March 4, 2026

    मिडिल ईस्ट तनाव से घिरा, क्या युद्ध या संकट के समय इंश्योरेंस कंपनियों से मिलेगा क्लेम? जानें शर्तें

    March 4, 2026

    सैलरी अकाउंट बदला है? PF क्लेम से पहले EPFO में यह काम करना न भूलें

    March 4, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    टेलरिंग के व्यवसाय में पूजा देवांगन को मिला मजबूत आधार

    March 4, 2026

    गर्मियों में पहली बार AC चलाएं तो जरूर करें ये 5 काम

    March 4, 2026

    विदेशी मेहमानों ने बढ़ाई गिधवा टैंक की शान, मल्लार्ड के आगमन से खिला पर्यटन

    March 4, 2026

    टीबी को न्योता दे रही कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता, पहचानें शुरुआती लक्षण और करें बचाव

    March 4, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.