Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»विदेश»अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए अब राष्ट्रवाद-संप्रभुता मुद्दे बनाए मोहरे, कुर्सी बचाने के लिए ट्रूडो का नया दांव
    विदेश

    अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए अब राष्ट्रवाद-संप्रभुता मुद्दे बनाए मोहरे, कुर्सी बचाने के लिए ट्रूडो का नया दांव

    AdminBy AdminOctober 17, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए अब राष्ट्रवाद-संप्रभुता मुद्दे बनाए मोहरे,  कुर्सी बचाने के लिए ट्रूडो का नया दांव
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    कनाडा
    कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए राष्ट्रवाद और संप्रभुता जैसे मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान अपनी नाकामियों से हटाने की कोशिश की है। ट्रूडो पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी असफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भारत जैसे देशों पर आरोप लगाए हैं, और अब राष्ट्रवाद का सहारा ले रहे हैं।

    राजनीतिक अस्थिरता और गिरती लोकप्रियता से पस्त ट्रूडो
    2024 में कनाडा के कई प्रांतों में चुनाव होने वाले हैं, जिनमें नोवा स्कोटिया, ब्रिटिश कोलंबिया, न्यू ब्रंसविक और सस्केचेवान शामिल हैं। साथ ही, 2025 में देश के आम चुनाव होने हैं। ऐसे में, ट्रूडो की लिबरल पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उनकी लोकप्रियता ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, और उनके सहयोगी दल एनडीपी ने भी उनसे समर्थन वापस ले लिया है। सभी राजनीतिक विश्लेषण यह संकेत देते हैं कि आगामी चुनावों में ट्रूडो की पार्टी को भारी नुकसान हो सकता है।

    उनकी सरकार की कई नीतियां जनता के बीच अलोकप्रिय साबित हो रही हैं, विशेषकर आर्थिक मंदी, महंगाई, और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर उनकी सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा, ट्रूडो की पार्टी के भीतर भी असंतोष बढ़ता जा रहा है। पार्टी में आंतरिक तख्तापलट की चर्चा हो रही है, जो ट्रूडो के राजनीतिक करियर के लिए खतरा साबित हो सकता है। इस स्थिति में, ट्रूडो ने जनता का ध्यान अपनी असफलताओं से हटाने के लिए राष्ट्रवाद और संप्रभुता के मुद्दों को उठाया है, ताकि वे अपने खिलाफ उठ रहे विरोध को कम कर सकें।

    भारत पर आरोप सिर्फ राजनीति का हिस्सा नहीं
    सितंबर 2023 में, जी20 शिखर सम्मेलन के बाद, ट्रूडो ने अचानक भारत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ था। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा, और ट्रूडो ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता का मुद्दा बना दिया।कनाडा का दावा है कि भारतीय गृह मंत्रालय इस हत्या में शामिल था, जबकि कनाडाई पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग को इसके लिए जिम्मेदार मानती है। ट्रूडो ने दावा किया कि भारत के राजदूत और अन्य उच्च स्तरीय अधिकारी भी इस मामले में शामिल थे। लेकिन अब तक उन्होंने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं, और एक साल बाद भी मामला केवल आरोपों तक ही सीमित है। ट्रूडो की यह रणनीति उनके घरेलू राजनीतिक संकट से निकलने का एक तरीका है।

    उन्होंने राष्ट्रवाद और कनाडा की संप्रभुता का मुद्दा उठाकर खुद को एक ऐसा नेता दिखाने की कोशिश की है, जो अपने देश की सुरक्षा के लिए खड़ा है। इससे उन्हें चुनावी फायदे की उम्मीद है, क्योंकि यह कदम उन मतदाताओं को आकर्षित कर सकता है जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति संवेदनशील हैं।  हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि ट्रूडो का यह कदम सिर्फ घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं है। उनके इस निर्णय का अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी प्रभाव पड़ रहा है, खासकर भारत-कनाडा संबंधों में। भारत के साथ बढ़ते तनाव ने दोनों देशों के कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों पर नकारात्मक असर डाला है।

    ट्रूडो को चीन और विदेशी ताकतों का स्पोर्ट
    यह भी चर्चा  है कि ट्रूडो को चीन और अन्य विदेशी संस्थाओं से वित्तीय और राजनीतिक समर्थन मिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने ट्रूडो और उनकी लिबरल पार्टी में भारी निवेश किया है। इसके साथ ही, क्लॉस श्वाब के वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन और जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन ने भी ट्रूडो को समर्थन दिया है। इस समर्थन के चलते ट्रूडो की राजनीतिक पेंशन और सेवानिवृत्ति निधि सुरक्षित मानी जा रही है, जिससे वे खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हें यकीन है कि भले ही उनकी सरकार चुनाव हार जाए, उनकी राजनीतिक स्थिति पर इसका बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
     

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Prime Minister Justin Trudeau's
    Admin

    Related Posts

    इजरायल ने 90 दिन पहले खामेनेई को मारने की बनाई थी योजना

    March 6, 2026

    मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर: अमेरिका-इजरायल के बाद एक और देश की ईरान पर अटैक की तैयारी

    March 6, 2026

    ट्रंप की करारी शिकस्त, अमेरिका को ₹16 लाख करोड़ का फटका, भारत को मिल रही राहत

    March 6, 2026

    ईरान ने अमेरिका के प्रमुख वार्निंग सिस्टम को तबाह किया, युद्ध के बीच ‘आंख’ फोड़ने से हुआ बड़ा नुकसान

    March 6, 2026

    आतंकवाद की नई चाल: पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा ने महिलाओं को बनाया हिस्सा

    March 6, 2026

    ईरान के साथ संघर्ष: अमेरिका पूरी ताकत लगा रहा, हर हमला रोक पाना संभव नहीं—बड़ा बयान

    March 6, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    बिहान योजना से मिली नई उड़ान, जानकी बनीं सफल महिला उद्यमी

    March 6, 2026

    नेचर कैंप मड हाउस से बढ़ेगा ईको-टूरिज्म, स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

    March 6, 2026

    गावस्कर ने की अक्षर पटेल की जमकर तारीफ, बोले– भारत के महान खिलाड़ियों में शामिल होने की राह पर

    March 6, 2026

    तेन्दूपत्ता संग्राहकों को साप्ताहिक खरीदी के तीसरे दिन किया जाएगा भुगतान

    March 6, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.