Close Menu
New Agenda
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    NEW AGENDA
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • लाइफ स्टाइल
    NEW AGENDA
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»उज्जैन सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के लिए 15 अप्रैल तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी
    मध्यप्रदेश

    उज्जैन सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के लिए 15 अप्रैल तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी

    AdminBy AdminFebruary 6, 2025No Comments11 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    उज्जैन सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के लिए 15 अप्रैल तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    उज्जैन

    उज्जैन सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के लिए आगामी 15 अप्रैल तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी। भवन अनुज्ञा का कार्य आगामी 15 जून तक कर लिया जाएगा और 25 जून से कार्य प्रारंभ होगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र में नगर विकास योजना की कार्ययोजना तैयार कर कार्य की शुरु हुआ।

    यहां 200 एमएलडी पेयजल क्षमता का मेला क्षेत्र में विकास किया जाएगा। सीवर नेटवर्क डिजाइन के अंतर्गत सिंहस्थ के दौरान मेला क्षेत्र में 160 एमएलडी का सीवरेज जनरेशन होगा जिसमें 100 एमएलडी क्षमता के स्थाई एसटीपी निर्माण किए जाएंगे और अस्थाई रूप से 60 एमएलडी क्षमता के सीवरेज का निष्पादन किया जाएगा। यहां होने वाले विकास कार्यों की तैयारियों की समीक्षा जापान से लौटने के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा ने की। उन्होंने उज्जैन में चल रहे कई निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया है।

    पानी का इंतजाम कैसे करेंगे यह भी तय कर रही सरकार

    सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की मौजूदगी के चलते प्रतिदिन उज्जैन शहर में पानी की कितनी डिमांड होगी। इसके आधार पर भी व्यवस्था बनाने पर सरकार फोकस कर रही है। वर्तमान में उज्जैन शहर की जनसंख्या लगभग 8.65 लाख है। इसमें प्रतिदिन पेयजल की मांग 178.28 एमएलडी है। अम्बोदिया, गऊघाट, साहिबखेड़ी और उंडासा के जलाशयों को मिलाकर कुल पानी की क्षमता 151.01 एमएलडी है। प्रस्तावित सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना से 51 एमसीएम, नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना से 58.34 एमसीएम पेयजल की सप्लाई की जा सकेगी। इसके अलावा न्यू अम्बोदिया की 68 एमएलडी पेयजल क्षमता की परियोजना प्रस्तावित है। साथ ही 860 करोड़ रुपए की लागत से हरियाखेड़ी परियोजना पर 100 एमएलडी पेयजल क्षमता की परियोजना का विकास भी किया जा रहा है।

    6 सेक्टर में बंटेगा सिंहस्थ मेला जोन: मेडिसिटी बना रहे, 550 बिस्तर का मिलेगा अस्पताल

    उज्जैन में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार पर भी सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है। बीडीसी (भवन विकास निगम) के द्वारा मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। इसकी लागत कुल 592.3 करोड़ रुपए है। इसमें 550 बिस्तर की क्षमता होगी। सिंहस्थ में जनसंख्या के पीक लोड वाले दिनों में विस्तार योग्य क्षमता जोड़ी जाएगी तथा सामान्य दिनों में स्वास्थ्यकर्मियों और संसाधनों की क्षमता के अनुरूप कार्य योजना बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत 500 अस्थायी अस्पताल बनाए जाएंगे और कैम्प लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सिंहस्थ मेला क्षेत्र के अनुसार 6 जोन में बांटा जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। सिंहस्थ के गर्मी के मौसम में आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए इलेक्ट्रोलाइट की उपलब्धता समस्त मेला क्षेत्र में जगह-जगह तय की जाएगी।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपदा की स्थिति में कार्ययोजना स्टेट यूनिट के साथ मिलकर बनाई जाएगी। मेले के दौरान बर्न यूनिट, एम्बुलेंस की सुविधा, ब्लड बैंक, ट्रॉमा सेंटर आदि की सम्पूर्ण तैयारी रखने पर फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग का विशेष ध्यान हैजा और अन्य मौसम जनित बीमारियों और आपदा प्रबंधन के रिस्पांस पर भी ध्यान रखा जाएगा। स्वास्थ्य प्लान में आयुष विभाग को भी जोड़ा जाएगा।

    साफ सफाई के लिए 16220 सफाई कर्मियों के जरूरत

    सिंहस्थ में साफ-सफाई व्यवस्था की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि सड़क एवं अन्य सफाई कर्मियों को मिलाकर 11 हजार 220 सफाईकर्मियों की आवश्यकता होगी। इसके अलावा कचरा संग्रहण के लिए लगभग 5 हजार सफाई कर्मियों की आवश्यकता होगी। कुल मिलाकर 16 हजार 220 सफाई कर्मियों की आवश्यकता सिंहस्थ में होगी। इस स्थिति को ध्यान में रखने के साथ ऑउटसोर्स एजेंसी के कार्यों की मॉनिटरिंग की जाने तथा इसका समय-समय पर फॉलोअप पर भी फोकस किया जाएगा।

    फेस रिकग्नीशन, एलर्ट सिस्टम के साफ्टवेयर डेवलप होंगे

    वर्तमान में आईटीएमएस जंक्शन सिस्टम सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए डेवलप किया जा रहा है। सिंहस्थ के समय आईटीएमएस पुलिस विभाग को सौंपा जाएगा। सिंहस्थ में फेस रिकग्निशन, अलर्ट सिस्टम, फायर अलार्म के सभी सॉफ्टवेयर एमपीएसईडीसी के द्वारा विकसित किए जाएंगे। यह कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है। इसके अलावा सिंहस्थ 2028 के लिए ऑल इन वन ऐप भी बनाया जाएगा जिसमें ड्रोन सर्विस, यातायात और वाहन प्रबंधन, मानव संसाधन और कार्य प्रगति की जानकारी की सुविधा मिल सकेगी। सिंहस्थ में वाहनों की पार्किंग की उपलब्धता के लिए ऑनलाइन डेटा तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जीआईएस आधारित उपयोगिता सिस्टम बनाया जाएगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र का वर्चुअल टूर ऐप के माध्यम से कराया जाएगा।

    पर्यटन की दृष्टि से भी विकास

    सिंहस्थ में पर्यटन की दृष्टि से किए जाने वाले विकास कार्यों की समीक्षा में महाराजवाड़ा हेरिटेज होटल, ओमकार सर्किट, ग्रांड होटल उज्जैन का उन्नयन एवं नवीन कक्षों का विस्तार होटल क्षिप्रा रेसीडेंसी के उन्नयन कार्य, देवी अहिल्या लोक महेश्वर, गंभीर डेम में जलक्रीडा सुविधाएं, बोट क्लब एवं रेस्टोरेंट, 10 करोड़ रुपए की लागत से पंचकोशी यात्रा मार्ग के पड़ावों का विकास, सिंहस्थ टेंट सिटी विकास, अष्ट भैरव मंदिरों के विकास कार्यों को पूरा कराया जा रहा है।

    महाकाल महालोक में मूर्तियों के नीचे होगा पौराणिक कथाओं का वर्णन

    श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अंतर्गत नारायणा धाम के श्रीकृष्ण सुदामा मंदिर के विकास कार्य भी कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री महाकाल लोक की मूर्तियों के नीचे पौराणिक कथाओं का वर्णन किया जाएगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्टोन क्लेडिंग और न्यू वेटिंग हॉल, श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश टनल मार्बल क्लेडिंग और फ्लोरिंग कार्य, आपातकालीन निर्गम, पालकी हॉल, मार्बल क्लेडिंग और फ्लोरिंग के कार्य, विजिटर फेसिलिटेशन सेंटर और श्री महाकालेश्वर भक्त निवास निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।

    रोड रेस्टोरेशन की लगातार मानिटरिंग हो

    उज्जैन में अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत रोड रेस्टोरेशन के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर सभी रिस्टोरेशन कार्य मार्च 2025 तक पूर्ण किए जाएं। रोड रेस्टोरेशन के पूर्ण कार्यों का पुन: निरीक्षण अगले एक सप्ताह में जनप्रतिनिधियों एवं एसडीएम की टीम के साथ किए जाने के बाद ही कार्य पूर्णता का सर्टिफिकेट दिया जाए। जल जीवन मिशन अंतर्गत रोड रेस्टोरेशन, रोड खुदाई एवं योजना के संपूर्ण कार्यों की जानकारी सतत रूप से स्थानीय विधायकों को दी जाए।

    अफसरों के ये भी निर्देश

    सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए सड़क के दोनों तरफ लेवलिंग के कार्य के बाद ही कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र दिया जाए। वर्षा ऋतु में सड़कों के रख-रखाव की कार्ययोजना पर अभी से कार्य कर विशेष ध्यान दिए जाए। सड़क निर्माण में जो क्षेत्र वन विभाग के अधिकार में आ रहे हैं वहां निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग से एनओसी समय पर प्राप्त कर ली जाए।

    भीड़ को नियंत्रित करने पर अधिक जोर

    सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। इस दौरान उज्जैन में सैटेलाइट रेलवे स्टेशनों का विकास किया जाएगा, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। क्षिप्रा नदी पर नए पुलों के साथ एनएचएआई (NHAI) द्वारा नए मार्गों का प्रस्ताव रखा गया है। भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने सख्त रणनीति अपनाई है। शाही स्नान के दौरान अधिकतम 15 मिनट दिए जाने का फैसला लिया गया है।

    साफ-सफाई पर भी ध्यान
    प्रत्येक दिन सिंहस्थ के दौरान 740 टन कचरा उत्पन्न होने का अनुमान है। इसे नियंत्रित करने के लिए 50,000 बायो-टॉयलेट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की मैपिंग और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।

    डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि-

    * स्थाई संरचनाओं में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आश्रम, पार्किंग, धर्मशाला, भोजनशाला, प्रवचन हॉल, सीवरेज लाईन, रोड और वॉटर सप्लाई कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    * सिंहस्थ मेला क्षेत्र में नगर विकास योजना की कार्य योजना तैयार कर कार्य की शुरूआत जून-2025 से युद्ध स्तर पर की जाए।

    * सिंहस्थ में वॉटर सप्लाई नेटवर्क की समीक्षा करते हुए कहाकि 200 एमएलडी पेयजल क्षमता का मेला क्षेत्र में विकास किया जाए।

    * सिंहस्थ के दौरान मेला क्षेत्र में 160 एमएलडी का सीवरेज जनरेशन होगा, जिसमें 100 एमएलडी क्षमता के स्थाई एसटीपी निर्माण और अस्थाई रूप से 60 एमएलडी क्षमता के सीवरेज का निष्पादन किया जाएगा। मेला क्षेत्र के विकास के लिए आगामी 15 अप्रैल तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी। भवन अनुज्ञा का कार्य आगामी 15 जून तक कर लिया जाएगा और कार्य प्रारंभ 25 जून से होगा।

    * जल संसाधन विभाग ने बताया कि कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का 15.50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसकी लागत लगभग 919.94 करोड़ रूपए है। वर्तमान में 14.57 प्रतिशत वित्तीय प्रगति हो चुकी है।

    * सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना अंतर्गत डिजाईन और सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। खुदाई का कार्य जारी है। डॉ.राजोरा ने मई-2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    * सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर 778.91 करोड़ रूपए लागत से 29 घाटों का निर्माण किया जाएगा। स्नान के लिए 03 वेंटेड कॉसवे का निर्माण किया जाएगा। इसे 24 माह में पूर्ण कर लिया जाएगा।

    * क्षिप्रा नदी को प्रवाहमान बनाए रखने के लिए क्षिप्रा नदी पर बेराजों की श्रंखला का निर्माण किया जा रहा है। देवास, इंदौर और उज्जैन में बेराजों की श्रंखला बनाई जाएगी। एनवीडीए अंतर्गत नर्मदा-क्षिप्रा लिंक योजना, उज्जयिनी परियोजना, नर्मदा-मालवा गंभीर लिंक परियोजना, नर्मदा-क्षिप्रा बहुउदेशीय परियोजना की डॉ.राजोरा ने समीक्षा की।

    * पीएचई/नगर निगम ने बताया कि उज्जैन शहर की जनसंख्या लगभग 7.2 लाख है। प्रतिदिन पेयजल की मांग 178.28 एमएलडी है। वर्तमान में अंबोदिया, गऊघाट, साहिबखेड़ी और उंडासा के जलाशयों को मिलाकर कुल पानी की क्षमता 151.01 एमएलडी है। प्रस्तावित सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना से 51 एमसीएम, नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना से 58.34 एमसीएम पेयजल की सप्लाई की जा सकेगी। इसके अलावा न्यू अंबोदिया की 68 एमएलडी पेयजल क्षमता की परियोजना प्रस्तावित है। साथ ही 860 करोड़ रूपए की लागत से हरियाखेड़ी परियोजना पर 100 एमएलडी पेयजल क्षमता की परियोजना का विकास भी किया जा रहा है।

    * बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बीडीसी द्वारा मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। इसकी लागत कुल 592.3 करोड़ रूपए तथा कुल निर्मित क्षेत्र का क्षेत्रफल 1, 42,034.06 वर्ग मीटर है। इसमें 550 बिस्तर की क्षमता होगी।

    * सिंहस्थ में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 500 अस्थाई अस्पताल और केम्प लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सिंहस्थ मेला क्षेत्र अनुसार 6 झोन में बांटा जाएगा। स्वास्थ्य का डिजीटल रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टॉफ की ट्रैनिंग आयोजित की जाएगी। सिंहस्थ के गर्मी के मौसम में आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए इलेक्ट्रोलाईट की उपलब्धता समस्त मेला क्षेत्र में जगह-जगह सुनिश्चित की जाएगी।

    * डॉ.राजौरा ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपदा की स्थिति में कार्ययोजना स्टेट यूनिट के साथ मिलकर बनाए। मेले के दौरान बर्न यूनिट, एंबुलेंस सुविधा, ब्लड बैंक, ट्रॉमा सेंटर आदि की सम्पूर्ण तैयारी रखे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग का विशेष ध्यान हैजा और अन्य मौसम जनित बिमारियों और आपदा प्रबंधन के रिस्पांस पर रहे। स्वास्थ्य प्लान में आयुष विभाग को भी जोड़ा जाए।

    * सिंहस्थ में साफ-सफाई व्यवस्था अन्तर्गत सड़क एवं अन्य सफाईकर्मियों को मिलाकर कुल 11 हजार 220 कर्मियों की आवश्यकता होगी। कचरा संग्रहण के लिए लगभग 5 हजार सफाईकर्मियों की आवश्यकता होगी। इसप्रकार 16 हजार 220 सफाईकर्मियों की आवश्यकता सिंहस्थ में होगी। पीक लोड पर सॉलिड वेस्ट उत्पादन लगभग 577 एमएलडी होगा। इसके लिए 379 कचरा गाडिय़ों की आवश्यकता होगी,जो कचरा संग्रहण करेंगे।

    * डॉ.राजौरा ने निर्देश दिए कि सुखा कचरा और गीला कचरा अलग-अलग करने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाए।

    * स्मार्ट सिटी द्वारा आईटीएमएस जंक्शन सिस्टम सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए डेवलप किया जा रहा है। डॉ.राजौरा ने सिंहस्थ के समय आईटीएमएस पुलिस विभाग को सौंपने के लिए कहा।

    * डॉ.राजोरा ने बताया कि सिंहस्थ में फेस रिकग्नीशन, एलर्ट सिस्टम, फायर अलार्म के सभी सॉफ्टवेयर, एमपीएसईडीसी के द्वारा विकसित किए जाएंगे। यह कार्य 31 दिसंबर,25 तक पूर्ण किया जाएगा।

    * सिंहस्थ- 2028 के लिए ऑल इन वन ऐप भी बनाया जाएगा, जिसमें ड्रोन सर्विस, यातायात और वाहन प्रबंधन, मानव संसाधन और कार्य प्रगति की जानकारी की सुविधा मिल सकेगी।

    * सिंहस्थ में वाहनों की पार्किंग की उपलब्धता के लिए ऑनलाईन डाटा तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जीआईएस आधारित उपयोगिता सिस्टम बनाया जाएगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र का वर्चुअल टूर, ऐप के माध्यम से कराया जाएगा।

    * डॉ.राजोरा ने महाराजवाड़ा हेरिटेज होटल, ओमकार सर्किट, ग्रांड होटल उज्जैन का उन्नयन एवं नवीन कक्षों का विस्तार होटल क्षिप्रा रेसीडेंसी के उन्नयन कार्य, देवी अहिल्या लोक महेश्वर, गंभीर डेम में जलक्रीड़ा सुविधाएं, बोट क्लब व रेस्टोरेंट, 10 करोड़ रूपए लागत से पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के पड़ावों का विकास, सिंहस्थ टेंट सिटी विकास, अष्ट भैरव मंदिरों के विकास कार्यों की समीक्षा भी की।

    * डॉ.राजौरा ने महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्टोन क्लेडिंग और न्यू वेटिंग हॉल, महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश टनल मार्बल क्लेडिंग और फ्लोरिंग कार्य, आपातकालिन निर्गम, पालकी हॉल, मार्बल क्लेडिंग और फ्लोरिंग के कार्य, विजिटर फेसिलिटेशन सेंटर और महाकालेश्वर भक्त निवास निर्माण कार्य की समीक्षा की।

    कब है उज्जैन सिंहस्थ कुंभ मेला ?
    उज्जैन के शिप्रा नदी के घाट पर होने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला 27 मार्च 2028 से 27 मई 2028 तक होगा। सिंहस्थ 2028 में 9 अप्रैल से 8 मई की तारीखों के बीच 3 शाही स्नान और 7 पर्व स्नान प्रस्तावित हैं। इस कुंभ मेले में 14 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है। दो महीने लंबे इस पर्व का आयोजन करने में लगभग 18 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। पिछली बार साल 2016 में सिंहस्थ का आयोजन हुआ था जिसमें, पांच से सात करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के बाद अगला कुंभ मेला उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ 2028 ही है।

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    Featured Ujjain Simhastha
    Admin

    Related Posts

    ज्योति मिशन स्कूल में यौन उत्पीड़न पर फादर जोसेफ को उम्रकैद व दो महिला स्टाफ को जेल

    February 25, 2026

    होलिका दहन, धूडेली और होली उत्सव के लिए निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का आयोजन

    February 25, 2026

    25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही विशाल संभावनाएं: मुख्यमंत्री

    February 25, 2026

    टोक्यो में यूपी निवेश रोड शो में इंडस्ट्री लीडर्स ने कहा, योगी सरकार ने बना दिया यूपी को निवेश का सबसे भरोसेमंद गंतव्य

    February 25, 2026

    सीएम योगी के जापान दौरे में मिले मेगा निवेश प्रस्ताव, जापान की कंपनियों ने यूपी में निवेश को दिखाई उत्सुकता

    February 25, 2026

    कोरिया में पीड़ित/सूचनाकर्ता के लिए प्रत्येक थाना एवं चौकी में दो कुर्सियां आरक्षित

    February 25, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    MP Info RSS Feed
    अन्य ख़बरें

    ‘ऐसे बनती है पार्टनरशिप’ – शाहीन अफरीदी का बाबर आजम पर तंज, वायरल हुआ बयान

    February 25, 2026

    ज्योति मिशन स्कूल में यौन उत्पीड़न पर फादर जोसेफ को उम्रकैद व दो महिला स्टाफ को जेल

    February 25, 2026

    25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही विशाल संभावनाएं: मुख्यमंत्री

    February 25, 2026

    होलिका दहन, धूडेली और होली उत्सव के लिए निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का आयोजन

    February 25, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -दीपेन्द्र पाढ़ी
    मोबाइल -9329352235
    ईमेल -newagendaeditor@gmail.com
    मध्य प्रदेश कार्यालय -वार्ड क्रमांक 06, मोहगांव बिरसा, मोहगांव जिला-बालाघाट (म.प्र.)
    छत्तीसगढ़ कार्यालय-D 13, प्रियदर्शनी नगर के पास, पचपेड़ी नाका, रायपुर (छत्तीसगढ़)
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Jan    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.